गाजियाबाद में तीन बहनों की सुसाइड ने सभी को हिलाकर रख दिया है। इस दुखद घटना पर पुलिस और परिवार के बयानों के मुताबिक तीनों नाबालिग बहनें- निशिका (16 साल), प्राची (14 साल) और पाखी (12 साल) ऑनलाइन गेम की लत में फंस गई थीं। जो एक टास्क बेस्ट गेम होता है, इसमें यूजर्स को रोज टास्क दिए जाते हैं। शुरू में ये टास्क बहुत ही आसान और मजेदार होते हैं, लेकिन बाद में धीरे-धीरे लास्ट टास्क जानलेवा हो जाते हैं।
‘कोरियन लवर गेम’ क्या है?
ये गेम कोई ऐप नहीं है, बल्कि ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेमिंग का एक रूप है, पुलिस रिपोर्ट्स में इसे ‘Korean love game‘ या ‘Korean lover game‘ कहा जा रहा है। रिपोर्ट्स के आधार पर यूजर्स को रोज अलग-अलग टास्क दिए जाते हैं। शुरुआत में ये काफी मजेदार होते हैं जैसे- कोरियन स्टाइल में चैट करना, रोमांटिक मैसेज भेजना, वर्चुअल लवर या बॉयफ्रेंड/ गर्लफ्रेंड से बात करना, फोटो शेयर करना जैसे छोटे चैलेंज पूरे करना।
जैसे-जैसे टास्क बढ़ते हैं, वे इमोशनल डिपेंडेंसी, सेल्फ-हार्म और एक्सट्रीम एक्टिविटी की तरफ ले जाते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे ब्लू व्हेल चैलेंज जैसा बताया जा रहा है, जहां लास्ट टास्क बिल्कुल जानलेवा हो सकता है।
‘50 दिन 50 टास्क’ गेम से क्या कनेक्शन?
गाजियाबाद के इस सुसाइड केस में कुछ फोटो और वीडियो सामने आई हैं, जिसके आधार पर इस केस को 50 दिनों के 50 टास्क वाले गेम से जुड़ा भी बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस जांच अभी जारी है और इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि ठीक 50 टास्क थे या नहीं। यह ब्लू व्हेल (जो 50 दिनों का था) से मिलता-जुलता है। लेकिन नाम अलग है। यानी 50वां टास्क कोरियन लवर गेम वाला ही टास्क था या नहीं इसको लेकर अभी जांच की जा रही है।
गाजियाबाद केस में क्या हुआ?
गाजियाबाद में सुसाइड करने वाली तीनों बहनों को कोविड के टाइम से ऑनलाइन गेम की आदी थीं। वे सब कुछ साथ करती थीं, जैसे साथ खाना खाना और सोना सब एक साथ करती थी। तीन नाबालिक सगी बहनों के 9वीं मंजिल से छलांग लगाने की ये घटना भारत सिटी सोसाइटी में मंगलवार रात 2 बजे हुई। अभी तक आत्महत्या का सही कारण नहीं पता चला है। लेकिन गेम वाले एंगल पर ध्यान देते हुए, पुलिस मोबाइल जब्त कर साइबर एक्सपर्ट्स से जांच कर रही है कि गेम कैसे आया, कौन एडमिन था और क्या कोई रियल-टाइम टास्क दे रहा था।
पिता ने बताया- कोरियन गेम खेलती थीं बेटियां
मृतक बहनों के पिता चेतन कुमार के मुताबिक, बेटियां कोरियन गेम खेलती थीं। कल आखिरी टास्क था, जांच के लिए पुलिस उनके फोन अपने साथ ले गई है। गेम में कुल कुल 50 टास्क थे, घटना वाले दिन यानी कल आखिरी था। कूदने के लिए बेटियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का इस्तेमाल किया।
यह कितना खतरनाक है?
यह गेमिंग एडिक्शन और इमोशनल मैनिपुलेशन का कॉम्बिनेशन जैसा लगता है। ऐसे गेम्स बच्चों में गहरी इमोशनल बॉन्डिंग बनाते हैं (वर्चुअल पार्टनर के माध्यम से) और टास्क पूरे न करने पर गिल्ट/प्रेशर डालते हैं। कुछ मामलों में रियल लोग (स्कैमर या ग्रूमर) बच्चों से चैट कर ट्रस्ट बनाकर खतरनाक टास्क देते हैं। पेरेंट्स को सलाह दी जाती है कि बच्चों के फोन की एक्टिविटी चेक करें, अगर बच्चा अचानक कोरियन कल्चर या भाषा में ज्यादा इंटरेस्ट दिखाए, स्कूल छोड़े या अकेले में ज्यादा फोन यूज करे को उसपर ध्यान देने की जरूरत है।
