
पंकज कुमार मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी
कहने कों देश संविधान से चलता है पर ध्यान से देखिये देश क्रूरता वाले आक्रमण और भ्रस्ट लोगो के बोलने से चलता है जो किसी भी व्यक्ति के सच बोलने पर एससी एसटी लगवा कर देश चलवाने का प्रयास कर रहें। आज तक के एक बेहद अच्छे एंकर सुधीर चौधरी हमेशा सच के साथ खड़े रहते है पर भ्र्ष्टाचार वाले और मुफ्त की खाने वालो कों वह फूटी आँख नहीं सुहाते तभी तो आजतक न्यूज़ के एंकर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अग्रणी नाम सुधीर चौधरी के खिलाफ झारखंड की राजधानी रांची में एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है जो बेहद घटिया कृत्य है । यह एफआईआर उनके एक ऐसे टिप्पणी के कारण हुई है जो सत्य प्रतीत होती है ! 29 जनवरी को हेमंत सोरेन ने इस्तीफा दिया और राजभवन से निकल रहे थे। उस समय चित्रा त्रिपाठी राजभवन से रिपोर्टिंग कर रही थी और सुधीर चौधरी न्यूज रूम से सवाल पूछ रहे थे। इसी दौरान सुधीर चौधरी ने कहा कि – हेमंत सोरेन बड़ी गाड़ियों पर चढ़ते हैं, अपने प्लेन पर उड़ते हैं, ऐय्याशी पूर्ण जीवन जीते हैं, ब्रांडेड कपड़े और जूते पहनते हैं, उनके पास काफी कैस भी है ! लेकिन अब उनकी कुर्सी चली गई तो उन्हें किसी जंगल/ झाड़ में जाकर 30/40 साल पहले के आदिवासी की तरह रहने की आदत डाल लेनी चाहिए ! उनकी इस टिप्पणी को पूरे आदिवासी समाज के अपमान का रूप देकर कुछ घटिया लोगो ने राजनीति शुरू कर दी। हेमंत सोरेन पर आरोप है और वह ईडी के अनुसार प्रथमतया लुटेरा और भ्र्स्ट लग भी रहा तो ऐसे में क्या गलत बोल गए सुधीर जिससे उन्हें टारगेट करके देखा जा रहा है। पूरा आदिवासी समाज एवं देश का प्रगतिशील तबका हमेशा ईमानदारी के तरफ खड़ा रहा है फिर सोरेन जैसे भ्रस्टाचारी के साथ कौन लोग खड़े है ! पूरा पत्रकार समाज सुधीर के साथ खड़ा है और इससे आहत हुआ है।
पत्रकार सुधीर चौधरी पर पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अपमान करने का राजनीतिक आरोप लगा है। उनके खिलाफ रांची एससी-एसटी थाने में मामला दर्ज किया गया है जिसका विरोध किया जा रहा है। मामला ट्राइबल आर्मी की ओर से दायर किया गया था। आपको बता दें कि सुधीर चौधरी फिलहाल टीवी न्यूज चैनल आजतक के प्राइम टाइम शो ब्लैक एंड व्हाइट के होस्ट हैं। उन्होंने कथित तौर पर हेमंत सोरेन के बारे में टिप्पणी की जिसे जाति आधारित टिप्पणी का रंग दिया जा रहा । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी कई बार जाति आधारित टिप्पणी करने का आरोप लगा है तो क्या उन्हें गिरफ्तार किया गया! इस संबंध में दर्ज मामले के मुताबिक, सुधीर चौधरी की टिप्पणी से न सिर्फ हेमंत सोरेन बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान हुआ है। उधर शिकायतकर्ता का दावा है कि सुधीर चौधरी ने अपने शो में कहा था कि हेमंत सोरेन को 40 साल पीछे चले जाना चाहिए और जंगल में आदिवासी बनकर रहना चाहिए किन्तु बोलने का अधिकार सबको है यही तो अभिव्यक्ति की आजादी है । शिकायतकर्ता ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि सुधीर चौधरी जातीय द्वेष से ग्रस्त व्यक्ति हैं। मतलब तुम हिन्दू धर्म, मंदिर, सवर्णो इत्यादि पर गालियां बोलो तो अभिव्यक्ति की आजादी और सुधीर सच बोले तो एससी एसटी पर मुकदमा ! शिकायत के मुताबिक, सुधीर चौधरी नस्लवाद से पीड़ित व्यक्ति हैं जबकि नस्लवाद उदयनिधि और स्वामी प्रसाद जैसे लोग फैला रहें , जिनके लिए जनजाति का मतलब पिछड़ापन और जंगलीपन है। शिकायत में आगे कहा गया है कि आदिवासी समाज जंगली समाज नहीं है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि एससी-एसटी एट्रोसिटी प्रीवेंशन एक्ट-1989 के तहत सुधीर चौधरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाये और उनको गिरफ्तार किया जाए जो गलत और बेहद घटिया मांग है।
