
दोस्तपुर/सुल्तानपुर। यवन शासन काल में राजस्थान से विस्थापित क्षत्रिय के तेरह मूल वंश गहलौत, परिहार, भूयार, भाटी, मकवाना, कछवाह, चौहान, राठौर शेनवंशी, चंद्रवंशी, सोलंकी, परमार और चंद्रवंशी भाटी व समस्त क्षत्रिय समाज के लोग क्षत्रिय समाज व देशहित के लिए एस 7 शिक्षा, संस्कार,स्वास्थ, सुसाशन, समता, संगठन और सत्ता को आत्मसात कर आगे बढ़े। तभी आने वाली पीढ़ी का भला होगा और सनातन धर्म की रक्षा हो पायेगी।
उक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि लव सिंह गहलौत एडवोकेट ने इमलीगांव दोस्तपुर सुलतानपुर में क्षत्रिय जागरण संगोष्ठी में कहा। आगे गहलौत ने कहा कि बच्चों को भौतिक शिक्षा के साथ साथ धार्मिक शिक्षा व संस्कार की शिक्षा अवश्य दें। तभी लब जिहाद से मुक्ति और सनातन धर्म की रक्षा हो सकती है।
कार्यक्रम की शुरुआत सम्राट पृथ्वीराज चौहान और महाराणा प्रताप की मूर्ति पर दीप प्रज्वलित करके किया गया।
इस अवशर पर सी बी सिंह ने कहा कि सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए समाज के नवयुवा आगे आयें। कार्यक्रम में लव सिंह गहलौत ने आयोजक हरिमंगल सिंह कछवाह को पुष्प देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राम अक्षयबर सिंह कछवाह और संचालन बजरंगी सिंह ने किया।
इस अवसर पर दूधनाथ सिंह, बासदेव सिंह, विजय सिंह राठौर, राम सिंह वत्स , अजय सिंह राठौर,पवन सिंह कछवाह, राजबहादुर सिंह, महेश सिंह, शिवम सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह वत्स आदि लोग मौजूद रहे।
