हार्ट अटैक से दहशत, 1 महीने में 20 से ज्यादा मौतें, हरकत में आई सरकार

पिछले एक महीने में दिल के दौरे से हसन जिले में 21 मौतें होने की सूचना के बाद कर्नाटक सरकार एक्शन में आ गई है। वहीं, जिला प्रशासन ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की। सोमवार को दिल के दौरे से तीन मौतें होने की सूचना मिली। हाल ही में हुई सभी 21 मौतें 30 से 55 वर्ष की आयु के बीच की थीं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसको लेकर एक्स पर लिखा कि पिछले एक महीने में ही हसन जिले में बीस से अधिक लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो चुकी है। सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि इन मौतों के कारणों का पता लगाने और समाधान खोजने के लिए जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. रवींद्रनाथ के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है और उन्हें 10 दिनों के भीतर एक अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसी समिति को फरवरी में राज्य में युवा लोगों में अचानक होने वाली मौतों के कारणों और कोविड टीकों के कोई प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं या नहीं, इस पर गहन अध्ययन करने के आदेश दिए गए थे। इस संबंध में हृदय रोगियों की जांच और विश्लेषण की प्रक्रिया भी चल रही है।

उन्होंने कहा कि हम भी उन बच्चों, युवाओं और मासूम लोगों के जीवन को महत्व देते हैं, जिनके आगे पूरा जीवन है और हम उनके परिवारों की चिंताओं को साझा करते हैं। मैं भाजपा नेताओं के कार्यों की निंदा करता हूं जो ऐसे मामलों को अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी देना और जनता को वितरित करना भी इन मौतों का एक कारण हो सकता है, क्योंकि हाल ही में दुनिया भर में कई अध्ययनों ने संकेत दिया है कि कोविड वैक्सीन दिल के दौरे की बढ़ती संख्या का कारण हो सकती है।

सिद्धारमैया ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे पहले कि भाजपा इस मामले पर हमारी आलोचना करे, उन्हें अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए। हम हासन जिले और पूरे राज्य में हो रही इन अचानक मौतों के पीछे के सही कारण का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस लक्ष्य के साथ, हमने पहले ही सार्वजनिक स्वास्थ्य की निगरानी के लिए हृदय ज्योति और गृह आरोग्य जैसी योजनाएं लागू की हैं। डॉ. रवींद्रनाथ के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार के तौर पर हम लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं। इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें।

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