बढ़ रहा है आपके शरीर में यूरिक एसिड….. इन तरीकों से करें तुरंत कंट्रोल

खराब खानपान और बिगड़ती लाइफस्टाइल का असर अब कम उम्र में ही काफी सीरियस दिक्कतों के रूप में सामने आने लगा है। हाई यूरिक एसिड भी इन्हीं परेशानियों में से एक है, जो आजकल युवाओ को भी प्रभावित कर रहा है। यह समस्या तब होती है जब शरीर में प्यूरीन रिच डाइट का अधिक सेवन किया जाता है। प्यूरीन कई तरह के खाद्य पदार्थों और ड्रिंक्स में पाया जाता है। सामान्य स्थिति में यूरिक एसिड खून में घुलकर किडनी के जरिए पेशाब के साथ बाहर निकल जाता है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो शरीर इसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता और यह जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है।

जब शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है, तो इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा होने से गाउट का खतरा बढ़ जाता है, जो गठिया का ही एक प्रकार होता है। इसके अलावा हाई यूरिक एसिड किडनी स्टोन जैसी समस्याओं की वजह भी बन जाता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है।

हाई यूरिक एसिड का सबसे आम लक्षण जोड़ों में अचानक तेज दर्द होना है। यह दर्द अक्सर पैर के अंगूठे से शुरू होता है, लेकिन टखनों, घुटनों, कोहनी और उंगलियों तक भी फैल सकता है। दर्द वाली जगह लाल, सूजी हुई और छूने पर काफी सेंसिटिव हो जाती है।

यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में स्टिफनेस महसूस होने लगती है। सूजन के कारण जोड़ों को मोड़ने या सीधा करने में परेशानी होती है और चलना-फिरना मुश्किल हो सकता है।

हाई यूरिक एसिड से जूझ रहे लोगों को अक्सर थकान महसूस होती है। शरीर लगातार सूजन से लड़ता रहता है, जिससे ज्यादा एनर्जी खर्च होती है और व्यक्ति दिनभर सुस्त-सुस्त महसूस करने लगता है।

पेशाब का रंग गहरा होना, धुंधलापन या तेज गंध आना भी हाई यूरिक एसिड का संकेत होते हैं। गंभीर मामलों में किडनी स्टोन के कारण कमर या पेट के किनारे दर्द, मतली और पेशाब में खून आने की शिकायत भी हो सकती है।

अगर लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड का इलाज न किया जाए, तो शरीर में बिना दर्द वाली गांठें बन सकती हैं। इन्हें टोफी कहा जाता है, जो आमतौर पर उंगलियों, कोहनी या पैर के जोड़ों के आसपास दिखाई देती हैं।

हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी होता है। ज्यादा पानी पीने से यूरिक एसिड के क्रिस्टल पेशाब के साथ बाहर निकल जाते हैं और किडनी बेहतर तरीके से काम करती है। रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा नारियल पानी और हर्बल टी भी फायदेमंद हो सकती है।

यूरिक एसिड बढ़ाने वाले फूड्स से दूरी बनाना जरूरी होता है। रेड मीट, सी फूड, शराब खासकर बीयर, शुगर वाले ड्रिंक्स और ज्यादा फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स से परहेज करें। डाइट में ताजे फल शामिल करें, खासतौर पर चेरी और सिट्रस फल जैसे संतरा और नींबू। हरी सब्जियां, साबुत अनाज, कम फैट वाला डेयरी फूड, नट्स और सीड्स का सेवन फायदेमंद माना जाता है।

वजन बढ़ने से यूरिक एसिड की समस्या और गंभीर हो सकती है। रोजाना एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, सूजन कम होती है और किडनी बेहतर तरीके से काम करती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है।

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