रसोई गैस की बढ़ती किल्लत को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर आया सामने

कानपुर। बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घुसुवापुर भवन निवादा गाँव में रसोई गैस की बढ़ती किल्लत को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। उज्ज्वला योजना के तहत मिले खाली एलपीजी सिलिंडरों को ग्रामीणों ने अपने घरों से निकालकर खेतों में फेंक दिया और इसे केन्द्र सरकार की ऊर्जा नीति के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। ग्रामीणों का कहना था कि जब गैस एजेंसियों पर घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो रहा, तब घरों में खाली सिलिंडर सजाकर रखने का क्या औचित्य है। यह विरोध केवल एक वस्तु को त्यागने का दृश्य नहीं था, बल्कि उस टूटते हुए भरोसे का प्रदर्शन था, जो कभी उज्ज्वला योजना के साथ गरीब परिवारों में जागा था।
गांव के किसानों और महिलाओं ने आरोप लगाया कि रसोई गैस की उपलब्धता लगातार अनिश्चित होती जा रही है। एक ओर एजेंसियों पर लंबी लाइनें हैं, दूसरी ओर आम आदमी की आय इतनी नहीं कि वह बार-बार बढ़ती कीमतों और समय पर न मिलने वाली आपूर्ति दोनों का बोझ उठा सके। जिन परिवारों को स्वच्छ ईंधन की सुविधा देने का वादा किया गया था, वे अब फिर से लकड़ी, उपले और पारंपरिक ईंधनों की ओर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। इससे न केवल घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, श्रम और गरिमा पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के बिल्हौर विधानसभा अध्यक्ष व ककवन ब्लाॅक प्रमुख विनय यादव ने केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ देश में रसोई गैस संकट न होने और पर्याप्त भंडार होने का दावा करती है, जबकि जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों पर उमड़ती भीड़, घंटों प्रतीक्षा करते उपभोक्ता और खाली हाथ लौटते परिवार इस बात का प्रमाण हैं कि आपूर्ति व्यवस्था गंभीर दबाव में है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऊर्जा सुरक्षा वास्तव में सरकार की प्राथमिकता है, तो फिर ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के लोग सबसे अधिक असुरक्षित क्यों दिखाई दे रहे हैं। विनय यादव ने कहा कि यह संकट केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। छोटे उद्योग, ढाबे, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ, चाय-नाश्ते की दुकानें और ग्रामीण क्षेत्र के सूक्ष्म व्यवसाय भी एलपीजी की कमी और महंगाई से प्रभावित हो रहे हैं।  विनय यादव, ओम जी, अंकित चतुर्वेदी, सुमित कुमार, रवि, राजा, राजेश कुमार, राजेंद्र सुभाष आदि लोग रहे।

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