- महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी : एडीसीपी क्राइम
कानपुर। मिशन शक्ति–5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 विषय पर एक अभिमुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा दयानंद महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एडीसीपी (क्राइम) अर्चना ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के सुरक्षित उपयोग के बारे में बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के लैंगिक या यौन उत्पीड़न की स्थिति में बिना डर अपनी आवाज उठानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने कहा कि हर महिला को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा ने की, जबकि संचालन मिशन शक्ति प्रभारी डॉ. संगीता सिरोही ने किया। कार्यक्रम में जेंडर विशेषज्ञ शैल शुक्ला, रागिनी श्रीवास्तव तथा पुलिस विभाग से एसआई कल्पना ने भी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस अवसर पर कांस्टेबल अफसाना द्वारा प्रेरणादायक कविता पाठ प्रस्तुत किया गया। डॉ. अंजना श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं की लैंगिक उत्पीड़न पर जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में महाविद्यालय की 250 से अधिक छात्राओं एवं प्राध्यापिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र श्रीवास्तव, एनएसएस एवं मिशन शक्ति समिति के सदस्यों सहित समस्त स्टाफ का सहयोग रहा।
