संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर लोगों को किया गया जागरूक

  • 30 घरों एवं 162 जल-पात्रों का सर्वे, कहीं भी मच्छरों का लार्वा नहीं मिला
कानपुर। जनपद में संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को महिपत नगर एवं डीटीसी कैण्ट क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत अपर निदेशक (स्वास्थ्य) मण्डल कानपुर डॉ. जी.के. मिश्रा तथा डिविजनल कंसल्टेंट डॉ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने डीटीसी कैण्ट एवं महिपत नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। उनके साथ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वेक्टर बॉर्न डिजीज) डॉ. राजेश्वर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह, मलेरिया निरीक्षक अमित धीमान एवं आनंद कुमार, आईएफडब्ल्यू अरविन्द कुमार, पाथ के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकांत तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डीटीसी कैण्ट डॉ. सुरेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान बीएचडब्ल्यू शैलेन्द्र बाजपेई एवं आशीष श्रीवास्तव तथा क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता सायरा बानो द्वारा संचालित दस्तक अभियान की गतिविधियों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने घर-घर जाकर अभियान के अंतर्गत की जा रही गतिविधियों का निरीक्षण किया तथा लोगों से अभियान की जानकारी प्राप्त की।
टीम ने संचारी एवं वेक्टर जनित 12 प्रमुख रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए उनके लक्षण, बचाव एवं समय पर सरकारी अस्पताल में जांच एवं उपचार कराने की सलाह दी। भ्रमण के दौरान कुछ लोगों में खांसी एवं जुकाम जैसे लक्षण मिलने पर उन्हें तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय निवासी गुलनाज के घर का निरीक्षण किया गया, जहां फ्रिज की ट्रे एवं अन्य स्थानों पर मच्छरों के लार्वा की जांच की गई। वहीं निवासी मोहम्मद नसीम के घर पर आशा कार्यकर्ता की गतिविधियों, आयुष्मान भारत कार्ड एवं आभा आईडी की प्रगति का भी सत्यापन किया गया। गुलनाज के परिवार से आयुष्मान कार्ड की पात्रता संबंधी जानकारी भी ली गई।
अभियान के दौरान आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित जागरूकता पर्चों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बैठक कर वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम में जनसहभागिता का आह्वान किया।
संयुक्त टीम ने क्षेत्र के 30 घरों का सर्वेक्षण किया, जिसमें कोई भी संदिग्ध रोगी नहीं मिला। साथ ही 162 जल-पात्रों का निरीक्षण किया गया, जिनमें कहीं भी मच्छरों का लार्वा नहीं पाया गया। 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को भी संचारी रोगों एवं जलभराव से होने वाले मच्छरों के खतरे के बारे में जागरूक किया गया तथा सूचना सामग्री वितरित की गई।
अधिकारियों ने डीटीसी कैण्ट की फार्मेसी, प्रयोगशाला एवं कोल्ड चेन प्वाइंट का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि क्षेत्र में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई एवं माइक्रोप्लान के अनुसार स्वच्छता संबंधी कार्य नियमित रूप से कराए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को पशु बाड़े आबादी से बाहर रखने तथा कृषि रक्षा विभाग द्वारा स्क्रब टाइफस जैसे रोगों के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन, ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, इंडोर स्पेस स्प्रे, नालियों में लार्वानाशक दवा का छिड़काव एवं एंटोमोलॉजिकल सर्वेक्षण कराया गया। आमजन से अपील की गई कि घरों एवं आसपास जलभराव न होने दें, पानी एकत्र होने वाले स्थानों को नियमित रूप से साफ करें, आवश्यकतानुसार जले हुए मोबिल ऑयल अथवा केरोसीन ऑयल का प्रयोग करें, मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें तथा शरीर को पूरे कपड़ों से ढककर रखें।
संचारी रोगों से संबंधित सूचना एवं सहायता के लिए यूएचएम चिकित्सालय, परेड स्थित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2333810 एवं 9335301096 तथा नगर निगम कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2526004 एवं 0512-2526005 पर संपर्क किया जा सकता है। सूचना प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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