- जिलाधिकारी की पहल पर वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान
कानपुर। अपने ही घर तक पहुंचने के लिए रोज तीन मंजिल की सीढ़ियां चढ़ना दिव्यांग गीता की मजबूरी बन गया था। दोनों पैर मुड़े होने के कारण उन्हें सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में काफी कठिनाई होती थी। कई वर्षों तक भूतल पर आवास के लिए प्रयास करने के बाद उन्होंने जनता दर्शन में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह से गुहार लगाई। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई के बाद अब गीता को ग्राउंड फ्लोर पर आवास आवंटित कर दिया गया है। इससे उनके रोजमर्रा के जीवन की सबसे बड़ी परेशानी दूर हो गई है।
अजीतगंज निवासी गीता को मार्च 2019 में मा. कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना (तृतीय चरण) के अंतर्गत ब्लॉक संख्या-292 में आवास संख्या 292/14 तृतीय तल पर आवंटित किया गया था। उस समय उनके पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं था, इसलिए वह उसे प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके चलते उन्हें दिव्यांग लाभार्थियों के लिए निर्धारित भूतल आवंटन का लाभ नहीं मिल सका।
बाद में गीता ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाया और भूतल पर आवास आवंटित किए जाने के लिए प्रयास शुरू किए। लंबे समय तक समाधान नहीं होने पर उन्होंने जनता दर्शन में जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या रखी। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराई। परीक्षण के दौरान शासनादेश में दिव्यांग लाभार्थियों को भूतल पर आवास आवंटित किए जाने के प्रावधान तथा उपलब्ध आवासों की स्थिति का परीक्षण किया गया। इसके बाद गीता का पूर्व आवंटन संशोधित करते हुए उन्हें भूतल स्थित आवास संख्या 292/04 आवंटित कर दिया गया। आवंटन आदेश जारी होने के साथ ही उन्हें 15 दिनों के भीतर आवास का कब्जा प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
गीता ने बताया कि तीसरी मंजिल तक पहुंचना उनके लिए हर दिन एक बड़ी चुनौती थी। भूतल पर आवास के लिए वह लंबे समय से प्रयास कर रही थीं। अब ग्राउंड फ्लोर पर आवास मिलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता दर्शन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित किया जाता है। गीता के प्रकरण में भी नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए उनकी वास्तविक समस्या का समाधान कराया गया।
