● सरकार की साख पर बट्टा लगाने का कार्य कर रहे अधिकारी
● पत्रकार की जमीन को भूलेख में दर्ज करवा भू-माफिया ने बेच दिया
● पत्रकार ने जिलाधिकारी, एसडीएम, राजस्व परिषद आयुक्त से की शिकायत
● आपत्ति के बावजूद बगैर सुनवाई के हो गया फैसला
फतेहपुर/कानपुर: जिला फतेहपुर की खागा तहसील में नायब तहसीलदार हथगाम/ ऐंरया की कोर्ट में भू-माफिया का कब्जा है। यहां जो वे कहती हैं, उसी के अनुसार आदेश होते है। किसानों की जमीन हड़पने, उनके उत्पीड़न का खेल यहां खुलेआम चल रहा है। भू माफिया की ओर से मिलने वाली धनराशि उनकी जेब में जाती है तो किसानों सहित अन्य लोगों की जमीन पर कब्जा देने का आदेश भी कागजों पर हो जाता है। परेशान व्यक्ति अपनी ही जमीन को बचाने के लिए गुहार लगाता रहता है लेकिन भू-माफिया व अधिकारियों का गठबंधन उनकी आवाज को दबा देता है।उनकी जमीनों को हड़प कर धन का बंटरबाट किया जाता है।
ऐसा ही एक मामला एक पत्रकार का सामने आया है। पत्रकार ने 25 जुलाई 2026 को वाद संख्या -7846/2026 /. 7842/2026– में आपत्ति दर्ज कराई तो नायब तहसीलदार ऐंराया ने उनके साथ भी खेल कर दिया।
पत्रकार तीन अगस्त को अपत्ति की सुनवाई के लिए पहुंचे लेकिन दूसरे दिन आदेश भूलेख पर दर्ज करवा दिया गया।
पत्रकार ने बताया कि आदेश पढ़ने पर पता चला कि उनकी आपत्ति को फाइल में लगाया ही नहीं गया। 24 घंटे के अंदर भू माफिया का नाम खतौनी में दर्ज करा दिया गया। 4 अगस्त को जमीन बेच भी दी गई।
जब पत्रकार के सात इस तरह का उत्पीडऩ हो रहा है तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पत्रकार एमएम सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी फतेहपुर, एसडीएम खागा, राजस्व परिषद आयुक्त से की है।
