जिला न्यायाधीश व कानपुर जिलाधिकारी ने जिला कारागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

  • जिलाधिकारी ने कैदियों द्वारा जॉब वर्क के तहत बनाई जा रही चुनरी का किया अवलोकन 
कानपुर। जिला न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह व जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जिला कारागार का त्रैमासिक निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल, कैंटीन, पुरुष एवं महिला बैरक, तथा कैदियों के पुनर्वास से जुड़े कार्यों को देखा गया। जिलाधिकारी ने खासतौर पर कैदियों द्वारा जॉब वर्क के तहत बनाई जा रही चुनरी का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश और जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से अस्पताल में भर्ती मरीजों की जानकारी की। कुछ बन्दी, जिनकी जमानत न्यायालय द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है और जिनके द्वारा अपने जमानती न्यायालय अब तक दाखिल नहीं किये गये हैं उनके द्वारा अपनी जमानत की धनराशि कम कराने का अनुरोध जनपद न्यायाधीश से किया, जिस पर जनपद  न्यायाधीश ने निरीक्षण के समय मौजूद चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल अखिलेश कुमार को आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।
इस दौरान बन्दियों से बातचीत करते हुये उनके मुकदमें की वर्तमान स्थिति, अपील किये जाने, निःशुल्क विधिक सहायता दिये जाने, लोक अदालत आदि के सम्बन्ध में पूंछताछ की गयी। जो बन्दी अपने निजी अधिवक्ता की व्यवस्था करने में समर्थ नहीं है, उनको निःशुल्क अधिवक्ता प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में कारागार अधिकारियों को निर्देश दिये गये तथा जो बन्दी जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर अपने मुकदमों का निस्तारण कराना चाहते हैं उनके प्रार्थना-पत्र सम्बन्धित न्यायालय को प्रेषित किये जाने के निर्देश भी कारागार अधिकारियों को दिये गये।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने  आटा गूंथने की मशीन को चालू करवा कर देखा जो कार्य कर रही थी। उन्होंने  जेल अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि कैंटीन में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। इसके लिए, कैंटीन में लगे ईट राइट बोर्ड को स्पष्ट और विस्तारपूर्वक प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां कार्य करने वाले लोगों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित जानकारी रहे । उन्होंने  बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि महिला कैदियों के साथ रह रहे बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए ।
साथ ही उपायुक्त उद्योग को निर्देशित करते हुए कहा कि कैदियों के स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए उन कैदियों को कौशल योजना के तहत  प्रशिक्षण दिया जाए। विशेष रूप से, महिला कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें विश्वकर्मा योजना के तहत सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इससे  कैदियों के पुनर्वास और उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सकेगा
निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शुभी गुप्ता, पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) श्रवण कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्र, न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीषा, जेल अधीक्षक डाॅ० बी०डी० पाण्डेय, उपायुक्त उद्योग अंजनीश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह, कारागार चिकित्साधिकारी डाॅ० प्रभाकर त्रिपाठी, जेलर अनिल कुमार पाण्डेय व  मनीष कुमार, डिप्टी जेलर अरूण कुमार सिंह, रंजीत यादव, कमल चन्द्र, मौसमी राय एवं  प्रेम नारायण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

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