खाने को गर्म रखने के लिए हमारी मम्मी स्कूल और ऑफिस के लिए लंच पैक करती है, तो एल्युमिनियम फॉइल को रोटी पर जरुर लपेट के रख देती है। काफी समय से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कहा जा रहा है कि एल्युमिनियम फॉइल का इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक है। अब कहा जा रहा है कि एल्युमिनियम फॉइल में लंच पैक करने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अब सबके मन में यही सवाल आता है कि एल्युमिनियम फॉइल के इस्तेमाल से सच में कैंसर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। आइए आपको बताते हैं वाकई एल्युमिनियम फॉइल से कैंसर होता है।
शरीर में पहुंचने वाला एल्युमिनियम का जो हिस्सा अवशोषित होता है, उसे आमतौर पर किडनियां मूत्र के जरिए बाहर निकाल देती हैं। इसी कारण यह शरीर में लंबे समय तक जमा नहीं रहता, क्योंकि इसे भारी धातुओं की श्रेणी में नहीं माना जाता। हालांकि कुछ लोगों को एल्युमिनियम से एलर्जी या हल्की टॉक्सिसिटी की समस्या हो सकती है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में इससे कैंसर होने का खतरा नहीं माना जाता।
यूके हेल्थ के अनुसार, एल्युमिनियम फॉइल से कैंसर का जोखिम नहीं देखा गया। लेकिन इसके संपर्क में आने से एलर्जी हो सकती है। यदि आप ज्यादा मात्रा में एल्युमिनियम पेट में जाएगा, तो मतली, दस्त या उल्टी हो सकती है। इसके साथ ही एल्युमिनियम वाली धूल के संपर्क में आने से सांस लेने पर गले और नाक में आपको जलन महसूस होने लगती है।
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि एल्युमिनियम फॉइल दरअसल एल्युमिनियम की एक पतली परत होती है, जिसका उपयोग आमतौर पर भोजन को ढकने या गर्म रखने के लिए किया जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि इसमें गर्म खाना रखने से कैंसर या किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन इस तरह की धारणा का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इस समय पर्याप्त स्टडीज मौजूद नहीं हैं, जो यह बता है कि एल्युमिनियम फॉइल का संबंध अल्जाइमर रोग के साथ देखा जाता है, लेकिन इसके इस्तेमाल का सावधानी से करना चाहिए।
एल्युमिनियम फॉइल के इस्तेमाल में ये सावधानियां बरतें
– बहुत हाई हीट पर एल्युमिनियम के बर्तन में खाना न पकाएं।
– ज्यादा खट्टा यानी एसिडिक खाना एल्युमिनियम के बर्तन में न पकाएं।
– लंबे समय तक खट्टी चीजों को स्टोर करने के लिए एल्युमिनियम के बर्तन का यूज न करें।
