सिगरेट के धुएं से निकलने वाले कचरे से पर्यावरण को नुकसान : ज्योति बाबा

कानपुर। तंबाकू का पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है तंबाकू की खेती और सिगरेट के धुएं से निकलने वाले कचरे से पर्यावरण को नुकसान होता है जिससे जल,भूमि और वायु प्रदूषण बढ़ता है तंबाकू की खेती के लिए वनों की कटाई से जैव विविधता की हानि, मिट्टी का क्षरण और जल प्रदूषण होता है उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में पर्यावरण बचाओ नशा हटाओ हरियाली लाओ जीवन बचाओ के तहत विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित संगोष्ठी शीर्षक तंबाकू की खेती का पर्यावरण पर प्रभाव विषय पर बोलते हुए अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख योग गुरू ज्योति बाबा ने कही, ज्योति बाबा ने एक पेड़ मां के नाम लगाते हुए आगे कहा कि प्लास्टिक कचरा, सिगरेट,फिल्टर प्लास्टिक से बने होते हैं जो जलमार्गों में प्रदूषण फैलाने के साथ भू प्रदूषण फैलाते हैं तंबाकू की खेती के चलते वनों की कटाई और प्रदूषण से वन्य जीवों के आवास और भोजन की उपलब्धता कम हो जाती है तंबाकू उद्योग के लिए ईधन की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है जो ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ाती हैं, ज्योति बाबा ने जोर देकर कहा कि तंबाकू की बिक्री में प्लास्टिक का जबरदस्त प्रयोग होता है जिससे पर्यावरण प्रदूषण चरम पर फैलता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष रंजन मिश्रा सनातनी ने कहा कि सिगरेट बनाने और तंबाकू की खेती के लिए पानी के अत्यधिक प्रयोग के कारण पानी की बड़ी बर्बादी होती है। तंबाकू की खेती के लिए वनों की कटाई से जैव विविधता की हानि मिट्टी का क्षरण और जल प्रदूषण होता है सिगरेट का कचरा जैसे बट पाउच प्लास्टिक समुद्र तटों और जल मार्गों को प्रदूषित करते हैं।
अध्यक्षता करते हुए कुशल पाल सिंह ने कहा कि तंबाकू उगाने में आमतौर पर रसायनों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है जिसमें कीटनाशक उर्वरक और वृद्धि नियामक शामिल है जो पानी के स्रोतों को प्रभावित कर सकते हैं शोधों से यह भी पता चला है कि तंबाकू की फसले अन्य प्रमुख फसलों की तुलना में अधिक नाइट्रोजन,फास्फोरस और पोटेशियम लेकर मिट्टी के पोषक तत्वों को नष्ट कर देती हैं डॉक्टर आर सी शर्मा ने कहा कि पर्यावरण में तंबाकू के धुएं के संपर्क में आने से होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों में फेफड़े का कैंसर हृदय रोग और लंग्स रोग शामिल है उत्तर के अध्यक्ष अमित सिंह रोबिन ने कहा कि तंबाकू सिगरेट ई- सिगरेट और गर्म तंबाकू उत्पादन जैसे नए और उभरते उत्पादों से निकलने वाला कचरा हमारे पर्यावरण में प्रवेश करता है और हमारे धरा खेती की जाने वाली भूमि को जहरीले रसायनों भारी धातुओं और अवशिष्ट निकोटिन से नष्ट कर देता है। संगोष्ठी का संचालन पवन शर्मा व धन्यवाद सोशल एक्टिविस्ट गीता पाल ने दिया।
अंत में सभी को योग गुरू ज्योति बाबा ने तंबाकू हटाओ प्रदूषण बचाओ का संकल्प भी कराया। अन्य प्रमुख पर्यावरण प्रेमी सुशील वाजपेई, आशुतोष मिश्रा, किशोर, श्रवण कुमार गुप्ता, अनिल सिंह राठौड़ इत्यादि थे।

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