त्योहारों का मौसम हो या शादी-ब्याह का मौका, मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में मावा यानी खोया की खपत भी बहुत ज्यादा होती है। लेकिन बढ़ती मांग के साथ बाजार में मिलावट वाला नकली मावा भी धड़ल्ले से बिक रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम असली और नकली मावे की पहचान करना सीखें। तो चलिए जानते हैं कैसे करें असली और नकली की पहचान?
क्या होता है नकली मावा?
नकली मावा दूध से नहीं, बल्कि सस्ते और केमिकल मिले पदार्थों से तैयार किया जाता है। इसमें स्टार्च, सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट, सफेद पाउडर और अन्य हानिकारक केमिकल मिलाए जाते हैं, ताकि यह असली मावे जैसा दिखे। इसका सेवन करने से पेट दर्द, फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
असली और नकली मावा पहचानने के आसान तरीके क्या हैं?
हाथ से मसलकर देखें
थोड़ा सा मावा हाथ में लेकर मसलें। अगर वह मुलायम और चिकना लगे तो वह असली है। अगर ज्यादा सख्त हो या चिपचिपा लगे तो उसमें मिलावट हो सकती है।
स्वाद से पहचानें
असली मावे का स्वाद हल्का मीठा और दूधिया होता है। जबकि नकली मावे का स्वाद अजीब, कड़वा या बिल्कुल फीका हो सकता है।
पानी में डालकर टेस्ट करें
थोड़ा सा मावा गर्म पानी में डालें। अगर वह धीरे-धीरे घुल जाए और दूध जैसा रंग छोड़े, तो वह असली है। अगर पानी ज्यादा सफेद या गाढ़ा हो जाए, तो मावा नकली हो सकता है।
जलाकर जांच करें
मावा का छोटा सा टुकड़ा जलाएं। असली मावा जलने पर दूध जैसी खुशबू देगा, जबकि नकली मावा से केमिकल या प्लास्टिक जैसी बदबू आ सकती है।
रंग और बनावट पर ध्यान दें
असली मावा हल्का क्रीमी या ऑफ-व्हाइट रंग का होता है। नकली मावा ज्यादा सफेद, चमकीला या जरूरत से ज्यादा चिकना दिख सकता है।
नकली मावा खाने से होने वाले नुकसान क्या हैं?
नकली मावा खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट में ऐंठन, उल्टी-दस्त, एलर्जी और लंबे समय में लिवर व किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
मावा खरीदते समय किन बातों का रखें ख्याल?
- हमेशा भरोसेमंद और साफ-सुथरी दुकान से ही मावा खरीदें।
- बहुत सस्ता मावा मिलने पर सतर्क हो जाएं।
- ज्यादा सफेद और चमकदार मावा लेने से बचें।
- संभव हो तो घर पर दूध से मावा तैयार करें।
घर पर मावा कैसे बनाएं?
घर पर मावा बनाना सबसे सुरक्षित तरीका है। बस फुल क्रीम दूध को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए गाढ़ा करें। जब दूध पूरी तरह गाढ़ा होकर जमने लगे, तो गैस बंद कर दें। आपका शुद्ध और ताजा मावा तैयार है।
मिलावट वाला नकली मावा स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी खतरनाक है। इसलिए मिठाइयां बनाने या खरीदने से पहले मावे की शुद्धता जरूर जांच लें। थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।
