इस तेज-रफ्तार जिंदगी में लोग सुविधा के लिए प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स पर अधिक निर्भर हो गए हैं. ये फूड स्वादिष्ट और सुविधाजनक तो होते हैं, लेकिन सेहत के लिए गंभीर खतरा भी बनते जा रहे हैं. खासतौर पर हमारी किडनी पर इनका असर खतरनाक हो सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मॉर्डन फूड कल्चर से जुड़ी खराब आदतें किडनी से जुड़ी बीमारियों, खासतौर पर क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का कारण बन सकती हैं.
डॉ.सौरभ पोखरियाल बताते हैं कि नमक वाले एडिटिव्स किडनी के लिए विशेष रूप से खतरनाक होते हैं, क्योंकि ये प्रोटीन यूरिया, ब्लड प्रेशर को अनियंत्रित करने और शरीर में फ्लूड ओवरलोड का कारण बन सकते हैं. वहीं, शुगर आधारित एडिटिव्स से यूरिक एसिड लेवल बढ़ता है, जो किडनी पर एक्स्ट्रा दबाव डालता है. फॉस्फोरस और पोटेशियम जैसे एडिटिव्स भी किडनी की समस्या को गंभीर बना सकते हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रोसेस्ड फूड्स की बजाय नैचुरल और अनप्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करें. ताजी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और घर में बना खाना किडनी की सेहत के लिए बेहतर ऑप्शन हैं.
चिप्स और पैकेज्ड स्नैक्स के बजाय कच्ची सब्जियां, सूखे मेवे, या घर में बने हेल्दी स्नैक्स का सेवन करें.
सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह पानी या ताजा जूस पिएं. भोजन में नमक का बैलेंस उपयोग करें और ज्यादा मीठे फूड से बचें.
स्थानीय बाजार से ताजी सब्जियां और फल खरीदें. अपने खाने को अधिक प्राकृतिक और ताजा बनाने की कोशिश करें.
