तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान एक घंटा पहले दफ्तर से छुट्टी देने की अनुमति दी है. इस फैसले का बीजेपी ने कड़ा विरोध किया और इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है. साथ ही कहा है कि यह सिर्फ मुसलमानों के लिए ही क्यों, हिंदुओं को नवरात्रि के दौरान ऐसा क्यों नहीं किया जाता?
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख मालवीय ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम समुदाय को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखती है. उन्होंने कहा,’यह फैसला किसी समुदाय की धार्मिक मान्यताओं के प्रति संवेदनशील होने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने के लिए लिया गया है. इसका विरोध किया जाना चाहिए.’
इस बीच तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने रमज़ान के लिए ऐतिहासिक मक्का मस्जिद और शाही मस्जिद में खास तैयारियां शुरू कर दी हैं. रमज़ान इस्लाम का पवित्र महीना है, जिसमें मुसलमान पूरे महीने रोज़ा रखते हैं, इबादत करते हैं और आत्म चिंतन कर खुद को बेहतर इंसान बनाने की कोशिश करते हैं. रमज़ान के आखिर में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है.
