बेचा जा रहा बच्चों को जहर…. एक्‍सपायर हो चुके चॉकलेट में तारीख बदल लगा रहे थे बारकोड

दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में बिकने वाले सामानों को लेकर एक बार फिर भयावह सच्चाई सामने आई है। नकली दवाओं के बाद अब रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजें भी खतरे की जद में हैं। दिल्ली पुलिस ने एक सनसनीखेज छापेमारी में नकली खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वाले बड़े गिरोह का खुलासा किया। इस ऑपरेशन में लगभग 14,000 लीटर नकली कोल्ड ड्रिंक्स, ढेर सारे एक्सपायर्ड फूड आइटम्स, चॉकलेट्स और बेबी प्रोडक्ट्स जब्त किए गए। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर से सात शातिर अपराधियों को भी धर दबोचा गया।

दिल्ली पुलिस को लंबे वक्त से खुफिया जानकारी मिल रही थी कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सस्ते भाव पर संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद बांटे जा रहे हैं। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक गुप्त फैक्ट्री पर धावा बोल दिया। जैसे ही टीमें अंदर घुसीं, नजारा देखकर सब दंग रह गए। फैक्ट्री में एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स के बड़े-बड़े ड्रम भरे पड़े थे। जांच में पता चला कि इनकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी, लेकिन हाई-टेक मशीनों से पुरानी तारीख मिटाकर नई डेट प्रिंट की जा रही थी। ऊपर से फर्जी बारकोड स्टिकर चिपकाकर इन्हें असली जैसा बनाया जाता था, ताकि थोक बाजारों में आसानी से बिक सकें।

पुलिस ने छापे के दौरान वीडियो फुटेज भी कैद किए, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि कैसे मशीनें तेजी से बारकोड जनरेट कर रही हैं और एक्सपायर्ड बोतलों-कैनों पर नई लेबलिंग हो रही है। कोल्ड ड्रिंक्स के अलावा वहां नकली चॉकलेट्स, बेबी फूड और अन्य खाद्य वस्तुओं का विशाल स्टॉक मिला, जो दिल्ली के थोक बाजारों में सप्लाई होने वाला था। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी एक्सपायर्ड माल को सस्ते दामों पर इकट्ठा करते, पैकेजिंग बदलते और फर्जी लेबल लगाकर वितरकों को बेच देते। वहां से ये छोटे रिटेलर्स तक पहुंचते और अंततः उपभोक्ताओं की रसोई तक।

सबसे डराने वाली बात ये रही कि गिरोह का फोकस खासकर बच्चों से जुड़े सामानों पर था। मां-बाप जो बेबी फूड और चॉकलेट्स पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, वही चीजें मिलावट की भेंट चढ़ रही थीं। विशेषज्ञ चेताते हैं कि ऐसे खराब और नकली उत्पादों से बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे पेट की बीमारियां, एलर्जी या लंबे समय तक नुकसान।

सभी सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और उनसे कड़ी पूछताछ चल रही है। पुलिस अब ये खोज रही है कि ये रैकेट कब से फल-फूल रहा था और दिल्ली-एनसीआर के बाहर किन-किन राज्यों में इसका जाल फैला था। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया—क्या बाजारों में बिकने वाली हर चीज पर भरोसा किया जा सकता है?

कुछ महीनों पूर्व दिल्ली के वजीराबाद इलाके में दो अवैध फैक्ट्रियों का पर्दाफाश हुआ था, जहां नकली टूथपेस्ट और ईनो (ENO) जैसे उत्पाद बनाए जा रहे थे। ये दोनों यूनिटें एक-दूसरे से सटे इलाके में चल रही थीं। एक में सस्ते रसायनों से टूथपेस्ट तैयार हो रहा था, तो दूसरी में नकली ईनो। इनका माल दिल्ली समेत कई राज्यों के बाजारों में बिक रहा था। छापे में भारी मात्रा में कच्चा माल और तैयार उत्पाद जब्त हुए। जगतपुर के एक रिहायशी फ्लैट से भी नकली स्टॉक बरामद किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा टूथपेस्ट दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि नकली ईनो पेट में जलन पैदा कर सकता है। दोनों फैक्ट्रियां सील कर दी गईं।

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