- दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से पैक कर बेच रहा था फ्लोर मिल, 1.50 लाख का स्टॉक सीज
कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के आदेश के दृष्टिगत सहायक आयुक्त (खाद्य)।। संजय प्रताप सिंह के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने बुधवार को रामादेवी स्थित एक फ्लोर मिल पर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान दूसरे ब्रांड के आटे को अपने ब्रांड के नाम से दोबारा पैक कर बेचने का मामला सामने आया। टीम ने करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य का आटा और अपमिश्रक सीज किया तथा पांच नमूने जांच के लिए संग्रहित किए।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा गांधीग्राम, रामादेवी स्थित मेसर्स दर्शन ट्रेडिंग कंपनी (फ्लोर मिल) का निरीक्षण किया गया। जांच में परिसर की स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य पदार्थों का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। कर्मचारियों के मेडिकल अभिलेख, खाद्य लाइसेंस तथा खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर अनियमितता यह मिली कि अन्य जनपदों में निर्मित विभिन्न ब्रांड के आटे के पैकेट खोलकर उसी आटे को दर्शन ट्रेडिंग कंपनी के नाम से दोबारा पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था। कई पैकेटों पर बैच नंबर, पैकेजिंग तिथि और एक्सपायरी तिथि भी अंकित नहीं थी।
परिसर में करीब 3000 किलोग्राम श्री भोग ब्रांड आटा, आटा चक्की फ्रेश ब्रांड के पैक, 100 किलोग्राम दर्शन ब्रांड आटा तथा 200 किलोग्राम चावल का आटा मिला। विभाग के अनुसार चावल के आटे का उपयोग गेहूं के आटे में अपमिश्रक के रूप में किए जाने की आशंका है।
एफएसडीए टीम ने मौके से गेहूं के आटे के चार तथा अपमिश्रक का एक नमूना संग्रहित किया। बैच नंबर, पैकेजिंग तिथि और एक्सपायरी का विवरण अंकित न होने पर संबंधित स्टॉक को सीज कर दिया गया। सीज किए गए खाद्य पदार्थों का अनुमानित मूल्य करीब 1.50 लाख रुपये बताया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने बताया कि आटे में मिलावट की आशंका को देखते हुए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मिलावटखोरी और भ्रामक पैकेजिंग करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
