जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सेना पूरी तरह घाटी में एक्टिव है. सुरक्षाबलों ने आज यानी गुरुवार को पुलवामा जिले के त्राल में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया. त्राल के नादेर इलाके में मारे गए इन तीनों आतंकियों की पहचान हो गई. तीनों जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे. लेकिन इससे पहले ही अपने ठिकाने में छिपे जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी ड्रोन कैमरे में कैद हो गए थे. ड्रोन फुटेज में उन्हें एक निर्माणाधीन इमारत में हथियार लेकर छिपते हुए दिखाया गया है. सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली थी.
वहीं, IG वी.के. बिरदी ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि मारे गए आतंकवादियों की 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में कोई भूमिका थी या नहीं. उन्होंने कहा कि, आज सुबह पुलवामा के अवंतीपोरा के त्राल इलाके में मुठभेड़ शुरू हुई, जो जम्मू-कश्मीर में तीन दिनों में दूसरी मुठभेड़ थी. भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा और इंटरनेशनल सरहद पर सैन्य अभियान रोकने के लिए ‘समझौता’ हुए अभी पांच दिन ही हुए हैं और तब से घाटी में दो मुठभेड़ हो चुकी हैं.
वहीं, भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि भारतीय धरती पर किसी भी और आतंकवादी गतिविधि को ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा और उचित जवाब दिया जाएगा. पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित उनके 9 आतंकी ठिकानों और प्रशिक्षण केंद्रों को नष्ट कर दिया.
पाकिस्तान ने भी जवाब करते हुए भारत पर हमले की कोशिश की. पाकिस्तान ने कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन और मिसाइलें भेजीं, लेकिन भारत ने पाकिस्तानी हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया और भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी हमले को विफल कर दिया. वहीं, भारत ने तुंरत जवाबी कार्रवाई करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए और 11 एयरबेस नष्ट कर दिए.
