कानपुर। कानपुर अपने आप में अनेक क्रान्तिकारी घटनाओं का साक्षी व केन्द्र रहा है। इसी कानपुर में ही प्रताप अखबार के सम्पादक अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की स्थित फीलखाना में ठीक प्रेस के सामने एक गली थी जहॉ अब आगे जाकर विद्यार्थी जी की प्रतिमा लगी है एवं इस पार्क का नाम भी उन्ही के नाम से है, जो पूर्व में एक खाली मैंदान था। इसी मैदान में सर्वप्रथम भेंट शहीद भगत सिंह व शहीद चन्द्रशेखर आजाद की शहीद विद्यार्थी के द्वारा कराई गई थी। निन्नी पाण्डेय ने बताया कि जब 1924 व 1925 के दौरान जब कानपुर आये और सुरेश चन्द्र भट्टाचार्या के माध्यम से गणेश जी व बटुकेश्वर दत्त से मिले थे। तभी वह प्रताप प्रेस में बलवंत सिंह के नाम से विद्यार्थी के सानिध्य में पत्रकारिता करने लगे थे।
इसी दौरान भगत सिंह को पता चला कि चन्द्रशेखर आजाद व विद्यार्थी लुकछिप मिलते है। इसे लेकर भगत भगत सिंह ने विद्यार्थी से अनुरोध किया कि आप हमारी भेट चन्द्रशेखर आजाद से करायें। फिर जब आजाद कानपुर आये तो विद्यार्थी ने उनके सामने भगत सिंह का प्रस्ताव रखा हांलाकि आजाद ने कहा कि मिलने की क्या जरूरत वह लोगों को आजादी की जंग से जोड़ने का काम करें। पर आजाद गणेश का आग्रह कैसे न माने और वह भगत सिंह से मिलने के लिए तैयार हो गये। और प्रेस के सामने दोनों क्रान्तिवीरों की उक्त मैदान में प्रथम भेंट गणेश शंकर विद्यार्थी के अथक प्रयास से कराई गई और दोनों मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ अनेक घटनाओं को अंजाम दिया था।
