कानपुर। जिलाधिकारी ने विद्युत बिल सुधार की समीक्षा में पाया कि तीन माह से विद्युत बिल सुधार कार्य में कोई प्रगति नहीं हो रही थी, जिसके परिणाम स्वरूप जनवरी, फरवरी और मार्च में सीएम डैशबोर्ड पर ई श्रेणी में सूचीबद्ध होने पर निदेशक कामर्शियल को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा में पाया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के 427 बच्चों तथा सामान्य वर्ग के 270 छात्रों की छात्रवृत्ति समय से फीडिंग न किए जाने के कारण इन छात्रों की छात्रवृत्ति रुक गई। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी में जिला कार्यक्रम अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा अकाउंट अधिकारी द्वारा जांच की जाएगी, जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी शिल्पी सिंह द्वारा विभिन्न योजनाओं में लापरवाही बरतने के कारण जिले की रेंकिंग में प्रभाव पड़ा है जिसके कारण उनका बताओ नोटिस दिए जाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति संतोषजनक न होने के कारण जनपद की डी श्रेणी आने के कारण परियोजना अधिकारी श्री पी. एन. दीक्षित को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सहायक निदेशक मत्स्य के बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि निदेशक कामर्शियल केस्को ई श्रेणी, समाज कल्याण अधिकारी ई श्रेणी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम विकास अभिकरण डी श्रेणी, बेसिक शिक्षा अधिकारी डी श्रेणी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सी श्रेणी, सहा0 निदेशक मत्स्यब,एवं उपायुक्त स्वत: रोजगार योजना में डी श्रेणी में आने वाले 7 विभागों के अधिकारियों की सीएम डैश बोर्ड में सी, डी तथा ई श्रेणी पर आने के कारण उपरोक्त समस्त अधिकारियों की स्पेशल होली में ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ईशा शर्मा समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
