किडनी हमारे शरीर के लिए फिल्टर का काम करती है। इसमें जब दिक्कत आती है तो शरीर में गंदगी और पानी जमा होने लगता है जिसका असर सबसे पहले हमारे हाथों और पैरों पर दिखाई देता है। अगर आपको इनमें एक भी संकेत नजर आए तो भूलकर भी उसे इग्नोर ना करें। किडनी शरीर में पानी, नमक और मिनरल्स (जैसे पोटेशियम और कैल्शियम) का संतुलन भी बनाए रखती है। इसके अलावा किडनी ऐसे हार्मोन भी बनाती है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं और शरीर में खून बनाने में मदद करते हैं।
किडनी खराब होने पर दिखते हैं ये लक्षण
1. हाथ-पैर और टखनों में सूजन (Edema): किडनी खराब होने का सबसे बड़ा संकेत पैरों और टखनों में सूजन है। अगर आप पैर की सूजन वाली जगह को उंगली से दबाते हैं और वहां गड्ढा बन जाता है तो यह संकेत है कि शरीर में पानी जमा हो रहा है।
2. मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन: किडनी के खराब होने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे कैल्शियम और फास्फोरस) का संतुलन बिगड़ जाता है। इसकी वजह से पैरों की मांसपेशियों में अचानक तेज ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है।
3. स्किन पर खुजली और सूखापन: जब किडनी खून से टॉक्सिन्स को बाहर नहीं निकाल पाती तो ये गंदगी स्किन के नीचे जमा होने लगती है। इससे पैरों और हाथों में तेज खुजली, चकत्ते और रूखापन महसूस हो सकता है।
4. हाथों का सुन्न होना या झनझनाहट: किडनी डैमेज होने पर नसों (Nerves) पर भी बुरा असर पड़ता है। इसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहते हैं जिसकी वजह से हाथों और पैरों में सुई चुभने जैसी झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
5. पैरों में दर्द और कमजोरी: किडनी खराब होने से शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं जो पैरों की मांसपेशियों और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे पैरों में दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है।
अगर आपको इनमें से कोई भी संकेत दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और किडनी का टेस्ट कराएं। किडनी की बीमारी का शुरुआती दौर में पता चल जाए तो उसका इलाज संभव है।
