लोकसभा में बुधवार को भारी हो हंगामे के बीच पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पारित हो गया। अब निचले सदन से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को आगे की चर्चा और स्वीकृति के लिए राज्यसभा में भेजा जाएगा। केंद्र सरकार इस कदम को ऐतिहासिक कदम बता रही है। बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिल के लोकसभा से पास होने पर देश के लाखों छात्रों को बधाई दी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने X पोस्ट में लिखा, आज लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ के पारित होने पर भारत के सभी छात्रों को बधाई। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता को भंग करने की हिम्मत करने वालों के लिए सबसे कठोर सजा के कड़े प्रावधान करके हमारे युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं की रक्षा करता है।
मोदी सरकार हमारे छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी और यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि उन्हें कानून की पूरी सख्ती का सामना करना पड़े।
विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। वहीं, सदन में विपक्ष के भारी हंगामे की वजह से स्पीकर को बार-बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक सुझाव देने की बजाय सिर्फ राजनीति कर रहा है। लंबी बहस के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 में नकल, पेपर लीक और अनुचित साधनों को रोकने के लिए और भी सख्त कानूनी ढांचा तैयार करता है, जिससे छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा वातावरण मिल सके। इसमे कड़ी सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
