गुरुवार को लोकसभा ने विपक्ष के हंगामे के बीच ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके बाद, विपक्षी सदस्यों के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पब्लिक एग्ज़ाम्स अमेंडमेंट बिल पेश किया जिसके बाद इसपर चर्चा हो रही है। हालांकि, इस दौरान हंगामा भी खूब हुआ। मनुस्मृति को लेकर खड़गे और नड्डा के बीच तीखी तरकार भी हुई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में प्रस्तावित संशोधन इस बात का प्रमाण है कि सरकार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ करने की नीति पर चल रही है और किसी को भी देश के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संसद ने बृहस्पतिवार को उस विधेयक को पारित कर दिया, जिसके प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान या उसका अपमान आपराधिक कृत्य माना जाएगा और इसके लिए तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ ही उसी सम्मान के साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को अनिवार्य बनाने वाले ‘राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ को लोकसभा ने बृहस्पतिवार को द्रमुक समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के बीच संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी।
