हममें से ज्यादातर लोग भीड़ में खूबसूरत दिखना चाहते हैं. इसके लिए कई लोग तरह-तरह के प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं जो बेहद महंगे और केमिकल से भरपूर होते हैं. थोड़े समय के लिए ये प्रोडक्ट आपको खूबसूरत जरूर दिखाते हैं लेकिन अगर लंबे समय के लिए देखा जाए तो यह हमारे स्किन हेल्थ के लिए अच्छे नहीं होते हैं. ज्यादातर स्किनकेयर एक्सपर्ट्स कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी देते रहते हैं. हममें से कई लोगों के ये बात नहीं पता हैं लेकिन ब्यूटी क्रीम हमारी किडनी पर भी असर दिखाती है.
हाल ही में मीडिया में छपी खबर से इस बात का खुलासा हुआ है. बायोटेक की 20 साल की एक स्टूडेंट ने किसी स्थानीय कंपनी द्वारा बनाई गई फेयरनेस क्रीम का इस्तेमाल किया. इसके बाद उसे जल्द ही अपने चेहरे पर फर्क दिखाई देने लगा. आस-पास के लोग लड़की की तारीफ करने लगे लेकिन इसे लगाने के 4 महीने के बाद लड़की को ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस नाम की बीमारी हो गई.
आपको बता दें कि ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस बीमारी में किडनी के फिल्टर्स डैमेज हो जाते हैं. इस बीमारी से पीड़ित 3 महिलाएं सामने आईं और आश्चर्य की बात तो तब हो गई जब यह तीनों महिलाएं एक ही घर में मिली. फिर डॉक्टर्स ने इस बीमारी का पता लगाने के लिए कुछ जरूरी जांच की. यह पाया गया कि मेकअप में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की वजह से किडनी डैमेज हुई है. एक सामान्य शरीर में मरकरी का लेवल 7 होना चाहिए लेकिन बायोटेक की छात्रा के किडनी में इसका लेवल 47 पाया गया, जो बेहद मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है.
गौरतलब है कि जिनके शरीर में मेलानोसाइट्स की मात्रा कम होती है, उसके चेहरे का निखार बढ़ जाता है और मरकरी इसी मेलानोसाइट्स को कम करने का काम करती है लेकिन यह मरकरी स्क्रीन के लिए बेहद घातक होती है.
