भावनानी के भाव – मुस्कान में मिठास की पर छाई

लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं
अटके काम पल भर में पूरे होते हैं
सुखी काया की नींव होते हैं
मानवता का प्रतीक होते हैं
स्वभाव की यह सच्ची कमाई है
इस कला में अंधकारों में भी
भरपूर खुशहाली छाई है
मुस्कान में मिठास की परछाई है
मुस्कान उस कला का नाम है
भरपूर खुशबू फैलाना उसका काम है
अपने स्वभाव में ढाल के देखो
फिर तुम्हारा नाम ही नाम है
मीठी जुबान का ऐसा कमाल है
कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता
मीठा बोलने वाले की
मिर्ची भी बिक जाती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
'जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा, इस खूबसूरत जगह को देख कर रोमांचित हूं', CM उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर | कोलकाता होटल अग्निकांड में CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा एक्शन, जांच के लिए 5 सदस्यी SIT टीम का गठन, हादसे में 9 लोगों की मौत....... Gujarat के Bhavnagar में मिलावटी शराब पीने से 2 लोगों की मौत | सपा नेता आजम खान के ठिकानों पर सुबह-सुबह ED की रेड, दिल्ली-रामपुर टू सहारनपुर, 10 जगह एक साथ छापेमारी.... बार-बार समन के बावजूद गैर-हाजिरी: Mahua के खिलाफ Court ने जारी किया Arrest Warrant | दिल्ली के टिकरी कलां में CNG पंप पर ब्लास्ट, 3 की मौत 6 घायल; गैस रिफिलिंग के दौरान ट्रक में हुआ जोरदार धमाका... Swati Maliwal का बड़ा आरोप: Arvind Kejriwal ने Delhi-Punjab को बनाया भ्रष्टाचार का अड्डा
Advertisement ×