फिर कोविड का कहर? 

संकलनकर्ता लेखक – किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
#  कोविड कंट्रोल – तैयारियों का जायजा लेने राष्ट्रव्यापी मॉकड्रिल 10-11 अप्रैल 2023 
गोंदिया – वैश्विक स्तरपर अति गंभीर महामारी कोविड-19 का लुकाछिपी वाला खेल जारी है। कभी छोड़ देती है तो कभी जकड़ लेती है, इसलिए अब गेंद हम नागरिकों के पाले में आ गई है कि जितना हो सके उतना गंभीरता से हाई अलर्ट रहकर शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन कर कोविड उचित व्यवहार को अपने जीवन का ज़रूरी हिस्सा बनाकर न केवल अपने शरीर को स्वस्थ रखें बल्कि कोविड मुक्त अभियान यज्ञ में देश को भी सहयोग रूपी आहुति देकर अपना योगदान दर्ज करा सकते हैं। चूंकि तीन दिन पहले माननीय पीएम की कोविड तैयारियों की समीक्षा हाई लेवल मीटिंग और दिनांक 27 मार्च 2023 को आईसीएमआर और केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 10-11 अप्रैल 2023 को होने वाले राष्ट्रव्यापी माकड्रिल के की डिटेल दी गई, जिसमें आईसीयू बेड, मेडिकल इक्विपमेंट्स, ऑक्सीजन और मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।मौजूदा दिशानिर्देशों के साथ-साथ वैक्सीनेशन सहित अस्पताल की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा और आईसीएमआर द्वारा सभी राज्यों केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड वैक्सीनेशन के लिए लगातार टेस्टिंग करते रहने की अपील भी की गई है इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे कि फिर कोविड का कहर? युद्ध स्तरपर तैयारियों और हाईलेवल मीटिंग के सफ़ल नतीजों के लिए गंभीर जनभागीदारी होना समय का हाई अलर्ट है।
साथियों बात अगर हम 10 -11 अप्रैल 2023 को राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल की करें तो, देश में एक बार फिर कोविड-19 और मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामले बढ़ने लगे हैं। इस बीच सरकार अस्पतालों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए 10 और 11 अप्रैल को राष्ट्रव्यापी मॉकड्रिल की योजना रखी है, इसे लेकर केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि सभी जिलों के सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की स्वास्थ्य इकाइयां इस मॉकड्रिल में भाग लेंगेएडवाइजरी में यह भी कहा गया था कि 27 मार्च को होने वाली वर्चुअल मीटिंग में मॉकड्रिल के सटीक विवरण के बारे में राज्यों को जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कोरोना के बढ़ते मामलों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉकड्रिल में सभी राज्यों को शामिल होने के लिए भी कहा गया है।इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय आईसीएमआर के परामर्श के मुताबिक लोगों को कोविड के लिए तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही लोगों से भीड़भाड़ और बंद स्थानों में मास्क पहनने की सलाह दी है। साथ ही इसमें बार-बार साबुन से हाथ धोने और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचने की सलाह दी गई है। संयुक्त परामर्श में कहा गया है कि पिछले कुछ सप्ताह में कुछ राज्यों में कोविड-19 जांचों में कमी आई है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित मानक (प्रति दस लाख की आबादी पर 140 जांच) की तुलना में वर्तमान जांच स्तर अपर्याप्त हैं।संयुक्त परामर्श में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 10 और 16 मार्च के दिशानिर्देशों को जारी रखने का निर्देश दिया गया है। इन दिशानिर्देशों में देश में सांस संबंधी बीमारियों के फैलने और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 से निपटने के बारे में जानकारी दी गई है। मॉक ड्रिल इसलिए किया जा रहा ताकि कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा जैसी किसी भी घटना के लिए पहले से तैयार रहा जा सके। शनिवार को दिल्ली में कोविड के 139 मामले सामने आए, जबकि पॉजिटिव रेट 4.98 प्रतिशत थी। एडवायजरी में लोगों को कोविड के लिए तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने लोगों को भीड़भाड़ और बंद स्थानों में मास्क पहनने की सलाह दी है। इसके साथ ही छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को ढकने के लिए रूमाल/टिश्यू का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया है।एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि फरवरी के मध्य से देश में कोविड-19 मामलों में क्रमिक लेकिन निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। इस समय, देश में अधिकांश कोरोना मामले केरल (26.4 प्रतिशत), महाराष्ट्र (21.7 प्रतिशत), गुजरात (13.9 प्रतिशत), कर्नाटक (8.6 प्रतिशत) और तमिलनाडु (6.3 प्रतिशत) जैसे कुछ राज्यों द्वारा रिपोर्ट किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि देश में शनिवार को कोरोना के 1,590 नए मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा बीते 146 दिन में सबसे ज्यादा हैं। आज मिले कोरोना के नए मामलों के बाद कोरोना के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 8,601 हो गयी है। शनिवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना संक्रमण की दैनिक दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई है वहीं साप्ताहिक संक्रमण दर 1.23 प्रतिशत हो गई है।इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी मामलों और उसके कारणों पर भी कड़ी नजर रखने के लिए कहा है। इस समय देश में इन्फ्लुएंजा के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मौसमी महामारी के साथ कोविड-19 के सह-संक्रमण के प्रबंधन के लिए पहले ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे क्लिनिकल केस मैनेजमेंट में मदद करने के लिए राज्य के भीतर सभी स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वास्थ्य कर्मियों को इन दिशानिर्देशों का प्रसार करें। राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक कुल 220.65  करोड़(95.20 करोड़ दूसरी डोज और 22.86 करोड़ प्रीकॉशन डोज) टीके लगाए जा चुके हैं।
साथियों बात अगर हम माननीय पीएम द्वारा कोविड तैयारियों की समीक्षा हेतु हाई लेवल मीटिंग और दिनांक 26 मार्च 2023 को मन की बात की 99 वीं कड़ी में कोविड सावधानी की करें तो, देश में कोविड-19 और एच3एन2 इन्फ्लुएंजा की स्थिति का आंकलन करने के लिए पीएम ने चार दिन एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और इंफ्रास्ट्रक्चर, टीकाकरण अभियान की स्थिति, नए कोविड-19 वेरिएंट्स और इन्फ्लुएंजा के मामलों पर चर्चा हुई। यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक देश में इन्फ्लुएंजा के मामलों में वृद्धि और पिछले 2 हफ्तों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के चलते हुई।स्वास्थ्य सचिव द्वारा भारत में बढ़ते मामलों सहित ग्लोबल कोविड-19 स्थिति को कवर करते हुए एक व्यापक प्रजेंटेशन दी गई। इस बैठक के दौरान पीएम को बताया गया कि इस सप्ताह में भारत में नए मामलों में मामूली बढ़ोतरी देखी जा रही है. देश में औसत मामले 888 और साप्ताहिक पॉजिटिविटी 0.98 फ़ीसदी दर्ज की गई है।हालांकि, ग्लोबल लेवल पर 1.08 लाख दैनिक औसत मामले दर्ज किए गए हैं। 22 दिसंबर 2022 को हुई पिछली कोविड-19 रिव्यू मीटिंग के दौरान पीएम द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई की भी जानकारी दी गई। बैठक में पीएम मोदी को बताया गया कि 20 मुख्य कोविड दवाओं, 12 अन्य दवाओं, 8 बफर दवाओं और 1 इन्फ्लुएंजा दवा की उपलब्धता और कीमतों पर नजर रखी जा रही है. 27 दिसंबर 2022 को 22,000 अस्पतालों में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई और उसके बाद अस्पतालों द्वारा कई उपचारात्मक उपाय किए गए। पीएम ने कहा अपने कर्तव्यों को, सबसे आगे रखना है, इस समय कुछ जगहों पर कोरोना भी बढ़ रहा है। इसलिये आप सभी को एहतियात बरतनी है, स्वच्छता का भी ध्यान रखना है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि फिर कोविड का कहर?कोविड कंट्रोल – तैयारियों का जायजा लेने राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल 10-11 अप्रैल 2023, युद्ध स्तरपर तैयारियों और हाई लेवल मीटिंग के सफ़ल नतीजों के लिए गंभीर जनभागीदारी होना समय का हाई अलर्ट है।

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