- अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी
कानपुर। रामादेवी स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में गुरुवार दोपहर 1 बजे उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब जिले के 10 ब्लॉकों से आए 70 से अधिक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) कर्मचारी वेतन भुगतान की मांग को लेकर पहुंच गए। कर्मचारियों ने CMO कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान एक महिला कर्मचारी अपने 10 महीने के बच्चे को गोद में लेकर धरने पर बैठी नजर आई।
दूसरे जिलों में मिला वेतन, कानपुर के साथ भेदभाव का आरोप प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने प्रशासन पर गंभीर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। कर्मचारी अमित सचान ने बताया कि प्रदेश के अन्य 74 जिलों में CHO कर्मचारियों का वेतन जारी किया जा चुका है, लेकिन कानपुर के 10 ब्लॉकों में तैनात कर्मचारियों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरे राज्य में मानदेय मिल चुका है, तो कानपुर का वेतन क्यों रोका गया है।
नियमों की अनदेखी और आश्वासन से असंतोष कर्मचारियों का कहना है कि शासन के दिशानिर्देशों के अनुसार हर महीने की 5 तारीख तक वेतन मिल जाना चाहिए, परंतु कानपुर में अमूमन 20 तारीख तक का इंतजार करना पड़ता है। CMO से वार्ता के दौरान जब कर्मचारियों ने इस मुद्दे को उठाया, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। CMO ने कहा कि शासन से संबंधित पत्र (लेटर) आने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार, मकान मालिक दे रहे बेदखली की धमकी वेतन न मिलने के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कंचन नामक एक कर्मचारी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है और मकान का किराया न दे पाने के कारण मकान मालिक घर खाली करने की धमकी दे रहे हैं। रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो चुका है। कर्मचारियों ने शासन, प्रशासन और CMO कानपुर से तुरंत वेतन जारी करने की मांग की है और साफ कर दिया है कि जब तक उनके खातों में राशि नहीं आ जाती, धरना खत्म नहीं होगा।
