- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों का किया सम्मान साथ ही बच्चों को किया प्यार
कानपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को मिष्ठान एवं चॉकलेट का वितरण भी किया गया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन सादगी, सरलता, त्याग और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। गांधी जी ने देशवासियों में यह विश्वास जगाया कि एकजुट होकर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष किया जा सकता है। उन्होंने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ के संबोधन से पुकारा जाना उनके विराट व्यक्तित्व को दर्शाता है। गांधी जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और व्यक्तित्व थे, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां सदियों तक स्मरण करती रहेंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन भी सादगी, सरलता और राष्ट्रसेवा की मिसाल है। उनका दिया हुआ ‘जय जवान, जय किसान’ का मंत्र आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाद में इसमें ‘जय विज्ञान’ को भी जोड़ा गया और भारत विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से आह्वान किया कि महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के आदर्शों, मूल्यों और आचरण को अपने जीवन में अपनाएं तथा प्रशासनिक कार्यों में भी सेवा, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनहित की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करना होगा। कार्यक्रम में समस्त अपर जिलाधिकारी, अपर नगर मजिस्ट्रेट, कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन एवं बच्चे उपस्थित रहे।
