भावनानी के भाव – रक्तदान महादान 

लेखक चिंतक कवि किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
रक्तदान से बड़ा न कोई दान
मानवता की इंसानियत ही शान
रक्त बचाता है घायलो की जान
रक्तदान महादान
रक्तदानी का जग करे सम्मान
दान व्यर्थ नहीं जाता मिलता है वरदान
विपरीत स्वास्थ्य में रक्त बचाता है जान
रक्तदान महादान
सर्वधर्म मानव सेवा यही रखना ध्यान
मानवता की मानवता ही पहचान
रक्तदान में धर्म की नहीं कोई पहचान
रक्तदान महादान
रक्तदान जाया न जाए करना ध्यान
रक्तदान बिक न पाए रखना ध्यान
कालाबाजारी न हो इसका रखना ध्यान
रक्तदान महादान
रक्तदान से ही मिलता है जीवनदान
मानव तब कहलाता है सबसे महान
रक्तदाता का सारे जग में करते गुणगान
रक्तदान महादान

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