भावनानी के भाव – जिंदगी में उतार-चढ़ाव एक खेल है

लेखक  चिंतक कवि एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
जिंदगी सुखों और दुखों का
बहुत ही ख़ूबसूरत मेल है
जिंदगी में उतार-चढ़ाव
 बस एक ख़ूबसूरत खेल है
दुख भी शरमा जाएगें
यह कैसा माहौल है
जियो अगर दुखों को खुशी से
जिंदगी में यह सबसे यह अनमोल है
कभी ढेरों खुशियां आती है
कभी गम आते बेमिसाल है
घबरा जाए तो चुनौतियां से
वह भी क्या इंसान है
जीना सिखा दे बुरे वक्त में
वही असल इम्तिहान है
इम्तिहानो से भरी जिंदगी यही
खूबसूरत मिसाल है
सिर्फ सुख या सिर्फ दुख ही
जीवन में यह सरासर बेमेल है
जिंदगी में उतार-चढ़ाव होते रहें
बस यही तो खूबसूरत खेल है
जिस प्रकार दो पहियों से
पटरी पर दौड़ती रेल है
बस उतार-चढ़ाव जिंदगी के
खूबसूरत खेल है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
ममता बनर्जी को फिर लगा बड़ा झटका, सुखेंदु शेखर, सुष्मिता देव समेत 3 पूर्व TMC सांसद BJP में हुए शामिल | राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद मंदिर ट्रस्ट हुआ सख्त, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद उनकी एंट्री पर लगाई रोक | Bundelkhand से CM Yogi का SP पर बड़ा वार: कब्रिस्तान जिन्हें प्यारा, उन्हें Ram Mandir अच्छा नहीं लगता | भूंकप आया तो हमने वेनेजुएला की दूरी नहीं देखी, भारत जब मदद करता है तो पार्सपोर्ट नहीं देखता, इसलिए दुनिया भी हम पर विश्वास करती है- PM मोदी
Advertisement ×