कानपुर। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्बारा आयोजित एडवांस जेंडर सेंसटिव पुलिसिंग का 2 दिवसीय कार्यशाला ‘शक्ति और सुरक्षा’का शुभारंभ नागेंद्र स्वरूप आडोटोरियम में किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर और विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ बबीता सिंह चौहान मौजूद रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि को पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और Wcsa सुभाष चन्द्र द्विवेदी आईजी द्वारा बुके देकर और प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत व सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कंपैशनेट कॉप शक्ति और सुरक्षा पुस्तक का विमोचन किया गया। दरअसल इस कार्यक्रम की शुरुआत 9, 10 जून को गाजियाबाद में हुयी थी और आज दूसरा है कार्यक्रम कानपुर नगर में आयोजित किया गया है।
जिसमें 17 जिलो की पुलिस टीम सम्मिलित हुयी है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने अपने संबोधन मे कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल पुलिस की नहीं है, बल्कि पूरे समाज की है। लेकिन पुलिस एक सबसे पहली कड़ी है। महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पुलिस एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। कोई भी महिला के लिए थाना गवर्मेंट आफिस नहीं होता है बल्कि न्याय की पहली उम्मीद होता है।
उनको भरोसा होता है कि पुलिस न्याय करेगी। महिलाओं का विश्वास और उम्मीद नहीं टूटनी चाहिए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि वातावरण अच्छा हो, डिसिप्लिन हो, पीड़िता निराश नहीं होगी, नियम के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेरे सामने महिलाए पुलिस की शिकायत लेकर आती है, कि पुलिस बैठा कर रखती है इस पर पुलिस ध्यान दें। पति पत्नी के मामलों को लेकर पुलिस धैर्य से काम ले। त्वरित मुकदमा दर्ज न करने की बजाय मामले का निस्तारण कराए।
