ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है. हालांकि पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा होता है. लेकिन महिलाओं में इसका प्रतिशत तुलनात्मक रूप से बहुत अधिक होता है. भारत में हर 22 में से एक महिला को ब्रेस्ट कैंसर होने का जोखिम होता है. यह कैंसर जेनेटिक, खराब लाइफस्टाइल और प्रदूषित वातावरण में रहने के कारण होता है.
यदि ब्रेस्ट कैंसर का निदान शुरुआती स्टेज पर हो जाए तो इससे पूरी तरह से रिकवर कर सकते हैं. लेकिन जागरूकता की कमी के कारण हर साल हजारों महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से अपनी जिंदगी की जंग हार जाती है. ऐसे में सुधा रेड्डी फाउंडेशन हैदराबाद में 29 सितंबर को पिंक पावर रन का आयोजन कर रही है. जिसमें ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ितों का मनोबल बढ़ाने के लिए बैड मेंटल चैंपियन पीवी सिंधु ने भी हिस्सा लिया.
स्तन या अंडरआर्म (बगल) में नई गांठ
स्तन के किसी भाग का मोटा होना या सूजन होना
स्तन की त्वचा में जलन या गड्ढे पड़ना
निपल क्षेत्र या स्तन में लालिमा या परतदार त्वचा
निप्पल का अंदर खींचना या निपल क्षेत्र में दर्द होना
ब्रेस्ट कैंसर से बचने के उपाय
जिन रोगियों का वजन अधिक होता है, विशेषकर मेनोपॉज के बाद, उनमें स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में वजन को कंट्रोल रखें. धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी करें, हेल्दी भोजन करें, कम से कम स्ट्रेस लें.
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
