- महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता: अनीता गुप्ता
- ग्राम सिंहपुर में महिला जागरूकता चौपाल, पोषण पंचायत एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
कानपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता द्वारा आज सर्किट हाउस सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों की गंभीरता से सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महिला जनसुनवाई में कुल 15 प्रकरणों की गहनता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनवाई की गई। प्राप्त शिकायतों में घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों की संख्या अधिक रही। राज्य महिला आयोग सदस्य अनीता गुप्ता ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा तथा महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित महिलाओं को आवश्यक कानूनी सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।
अनीता गुप्ता ने कहा कि महिला जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा अथवा भेदभाव की स्थिति में आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, जिससे उन्हें समय पर न्याय एवं सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इस अवसर पर ए.सी.एम.-2 ऋतुप्रिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह, महिला थानाध्यक्ष कमर सुल्ताना सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इसके उपरांत राज्य महिला आयोग सदस्य अनीता गुप्ता द्वारा ग्राम पंचायत सिंहपुर में जिला कार्यक्रम अधिकारी विभाग द्वारा आयोजित महिला जन-जागरूकता चौपाल, पोषण पंचायत एवं स्वास्थ्य शिविर में प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य, पोषण, महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनीता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं का स्वस्थ, शिक्षित एवं आत्मनिर्भर होना एक सशक्त समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं, जिनका लाभ अंतिम पंक्ति तक खड़ी प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने माताओं एवं अभिभावकों से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया तथा कहा कि कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम में महिलाओं को संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया से बचाव, पोषण संबंधी सावधानियों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। वहीं पोषण पंचायत के माध्यम से पौष्टिक आहार, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शासन की योजनाओं, महिला कल्याण कार्यक्रमों तथा स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी विषयों की जानकारी प्राप्त की। महिला जागरूकता चौपाल, पोषण पंचायत एवं स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से महिलाओं को सशक्त, जागरूक एवं स्वस्थ बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किया गया।
