- समूहों को बैंक से 10 लाख रुपये तक कैश क्रेडिट लिमिट की सुविधा
- हर राशन कार्डधारक परिवार की एक महिला को जोड़ने का महाअभियान 20 अगस्त तक
कानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कानपुर नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी राशन कार्डधारक परिवारों की एक महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर उनकी आर्थिक उन्नति का रास्ता तैयार किया जा रहा है। समूह से जुड़ने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध आर्थिक सहायता के साथ बैंक से 10 लाख रुपये तक कैश क्रेडिट लिमिट की सुविधा भी मिल सकती है। शासन के निर्देश पर इसके लिए जनपद में 5 से 20 अगस्त तक परिवार संतृप्तीकरण महाअभियान चलाया जा रहा है।
परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह ने बताया कि शासन से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के सभी राशन कार्डधारक परिवारों से एक महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। अभियान के तहत जनपद के सभी विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में पात्र महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन के लाभार्थी परिवारों सहित अन्य पात्र परिवारों को भी समूहों से जोड़ने पर जोर है।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में समूह सखी, बैंक सखी और ग्राम पंचायत सचिव कैंप लगाकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से ग्राम पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों को भी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। प्रयास है कि अभियान की अवधि में अधिक से अधिक पात्र परिवारों की महिला सदस्य स्वयं सहायता समूह से जुड़कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
परियोजना निदेशक ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को निर्धारित प्रक्रिया एवं पात्रता के अनुसार चरणबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। समूह का खाता खुलने पर 2,500 रुपये स्टार्टिंग फंड, तीन माह बाद 30 हजार रुपये रिवॉल्विंग फंड तथा छह माह बाद 1.50 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध हो सकती है। इसके अतिरिक्त बैंक के माध्यम से 1.50 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) की सुविधा भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने पर महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित होने के साथ आर्थिक सुरक्षा मजबूत होती है। आवश्यकता के समय छोटे ऋण की उपलब्धता, सरकारी योजनाओं से जुड़ाव तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर परिवार की आय बढ़ाने में सहायक होते हैं। अभियान के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना इसका प्रमुख उद्देश्य है। अभियान की प्रगति की विकास खंड स्तर पर निगरानी की जा रही है। पात्र परिवार स्वयं सहायता समूह से जुड़ने एवं योजना की जानकारी के लिए ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, समूह सखी, बैंक सखी, ग्राम संगठन अथवा सीएलएफ प्रतिनिधि से संपर्क कर सकते हैं।
2.40 लाख महिलाओं को समूहों से जोड़ने का लक्ष्य
परिवार संतृप्तीकरण महाअभियान के तहत कानपुर नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2,40,500 महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विकास खंडवार लक्ष्य इस प्रकार है—
बिल्हौर — 31,030
सरसौल — 28,746
भीतरगांव — 27,347
कल्याणपुर — 28,588
घाटमपुर — 29,689
बिधनू — 25,025
शिवराजपुर — 20,240
पतारा — 20,088
ककवन — 8,494
चौबेपुर — 21,253
कुल लक्ष्य — 2,40,500 महिलाएं
