- भट्टियों को बंद कराने के लिए कानपुर डीएम को सौंपा ज्ञापन
- जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की करेंगे शिकायत
कानपुर। सेन पश्चिमपारा क्षेत्र अंतर्गत इमलीपुर में काला नमक की भट्टियों से निकलने वाले जहरीले धुएं के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। गुरुवार दोपहर दो बजे बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात कर भट्टियों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
यश शुक्ला और विजय पाल ने आरोप लगाया कि इन भट्टियों में रबर, पुराने टायर और अन्य प्रतिबंधित सामग्री जलाकर काला नमक तैयार किया जा रहा है। इससे निकलने वाला काला और जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल रहा है, जिससे लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं प्रदूषण के चलते रिश्तेदारों ने घर आना बंद कर दिया है। बच्चे बीमारी के डर के चलते बाहर नहीं निकल रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। जहरीले धुएं के कारण बच्चों में त्वचा संबंधी संक्रमण, एलर्जी और सांस की समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि लगभग छह महीने पहले प्रशासन ने जांच के बाद 15 दिनों के भीतर भट्टियां बंद कराने का आश्वासन दिया था। उस समय संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन अब तक न तो भट्टियां बंद हुईं और न ही जिम्मेदारों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम उठाया गया है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदूषण फैलाने वाली सभी भट्टियों की तत्काल जांच कर उन्हें बंद कराया जाए। साथ ही अवैध रूप से रबर और टायर जलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। क्षेत्रीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे।
