- घर-घर जाकर लोगों को किया गया जागरूक
- 25 घरों का सर्वे, 155 जल पात्रों की जांच में लार्वा नहीं मिला
कानपुर। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी एवं जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने जनपदीय टीम के साथ डीटीसी अनवरगंज अंतर्गत यूपीएचसी बी.एन. भल्ला के सुख्खा पुरवा क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला मलेरिया अधिकारी के साथ सहायक मलेरिया अधिकारी भूपेन्द्र सिंह, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक प्रशान्त कुमार वर्मा, मलेरिया निरीक्षक अमित धीमान, आईएफडब्ल्यू अरविन्द कुमार, पाथ संस्था के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकान्त सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। क्षेत्र में यूपीएचसी प्रभारी डॉ. शुभम यादव, मलेरिया निरीक्षक शुभम श्रीवास्तव एवं उनकी टीम, नगर निगम के सफाई नायक उमेश कुमार एवं उनकी टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राधा देवी तथा आशा कार्यकर्ता सुशीला भी उपस्थित रहीं।
अधिकारियों ने घर-घर जाकर अभियान के तहत संचालित गतिविधियों का सत्यापन किया तथा लोगों से संवाद कर संचारी रोगों एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत शामिल 12 प्रमुख रोगों की जानकारी दी। साथ ही इन रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। क्षेत्र में खांसी एवं जुकाम जैसे लक्षण मिलने पर समय पर उपचार कराने तथा स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की सलाह भी दी गई।
भ्रमण के दौरान क्षेत्रीय निवासी धीरज से आशा कार्यकर्ता की गतिविधियों, आभा आईडी एवं आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। वहीं निवासी अनिल कुमार से बातचीत में पता चला कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं, लेकिन वर्तमान में आयुष्मान कार्ड के लिए पात्रता नहीं है।
निरीक्षण के दौरान आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित आईईसी सामग्री का भी अवलोकन किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी एवं टीम ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर चर्चा की, जिसमें स्थानीय लोगों ने सक्रिय सहभागिता की।
संयुक्त टीम द्वारा 25 घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कोई भी संदिग्ध या पॉजिटिव मामला नहीं मिला। साथ ही 155 जल पात्रों का निरीक्षण किया गया, जिनमें कहीं भी मच्छरों का लार्वा नहीं पाया गया। इसके अलावा 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को संचारी रोगों से बचाव एवं स्वच्छता के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गई।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्षेत्र में नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई तथा माइक्रोप्लान के अनुरूप अभियान संचालित किया जा रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को पशुबाड़े आबादी से दूर रखने के लिए जागरूक किया गया। सूकर पालकों को भी सूकर बाड़े आबादी से बाहर स्थापित करने की सलाह दी गई। वहीं कृषि रक्षा विभाग द्वारा चूहे एवं अन्य कृन्तकों से फैलने वाले स्क्रब टाइफस रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन, इंडोर स्पेस स्प्रे, नालियों में लार्वानाशक दवा का छिड़काव तथा आवश्यकतानुसार अन्य निरोधात्मक गतिविधियां संचालित की गईं। लोगों से घर एवं आसपास जलभराव न होने देने, पानी के बर्तनों को ढंककर रखने, जमा पानी को हटाने, जलभराव वाले स्थानों पर जला हुआ मोबिल ऑयल अथवा केरोसीन ऑयल डालने, मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करने तथा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की अपील की गई।
संचारी रोगों से संबंधित सूचना अथवा जानकारी के लिए यूएचएम चिकित्सालय, परेड स्थित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2333810 एवं 9335301096 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त नगर निगम कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2526004 एवं 0512-2526005 भी संचालित हैं। प्राप्त सूचना पर संबंधित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
