कानपुर। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई द्वारा दिल्ली में छात्रों द्वारा किए जा रहे आंदोलन और सरकार की कार्यवाई के विरोध में फूलबाग में सत्याग्रह करने की योजना के चलते विधायक अपने निवास से समर्थकों के साथ निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हे जाने से रोक दिया। इस बीच विधायक समर्थकों और पुलिस के बीच नोक-झोक के साथ धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हे किसी भी गतिविधी को क्रियान्वयन में लाने की अनुमति नही दी गयी।
दिल्ली में चल रहे छात्रों के विरोध को लेकन सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को गुरूवार को फूलबाग में सत्याग्रह करना था लेकिन इसकी सूचना पुलिस को लगते ही गुरूवार दिन में लगभग 11 बजे पुलिस उनके निवास पर पहुंची और चारो ओर बेरीकेटिक लगा दी। जब सपा विधायक अपने समर्थकों के साथ घर से निकले तो पुलिस ने उन्हे रोका। इसी बीच बेरीकेटिक हटाकर विधायक भागने लगे और पुलिस उन्हे रोकने के लिए उनके पीछे भागी। कुछ ही दूरी पर पुलिस ने उन्हे रोक लिया। इसके उपरान्त विधायक अमिताभ बाजपेई को सीएसए स्थित चंद्र शेखर आजाद प्रतिमा के समक्ष लाया गया, जहां विधायक ने आजाद प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पुलिस अपनी अभिरक्षा में विधायक को उनके निवास पर छोडा।
बतातें चले कि सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने सत्याग्रह की घोषणा की थी, जिसके बाद प्रशासन द्वारा फूलबाग में अधिकारियों ने साथ पुलिस की व्यवस्था की गयी थी साथ ही फायर बिग्रेड के वाहन भी थे। प्रशासन किसी भी प्रकार से कोई लापरवाही नही बरतना चाहता है। इसी प्रकार सपा युवजनसभा द्वारा भी शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका गया। कांग्रेस कमेटी कानपुर महानगर के अध्यक्ष भी बीते 48 घंटे से अरेस्ट है।
