- कानपुर में 12,854 किशोरियों को लग चुका है निःशुल्क टीका
कानपुर। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए महंगी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन अब कानपुर की बेटियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अभियान के तहत जनपद में अब तक 12,854 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं 14 से 15 वर्ष की अन्य पात्र बालिकाओं से भी आगे आकर यह सुरक्षा कवच अपनाने की अपील की जा रही है। निजी अस्पतालों में इस वैक्सीन की एक डोज पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं, जबकि सरकार इसे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।
एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सुरक्षित और प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से विभाग किशोरियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी जागरूक कर रहा है। अपील की जा रही है कि किसी भी भ्रांति या संकोच में आए बिना पात्र किशोरियां समय पर टीकाकरण कराएं और अभिभावक भी अपनी बेटियों को इस गंभीर बीमारी से बचाने के लिए टीका अवश्य लगवाएं।
अभियान को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित नियमित टीकाकरण सत्रों में पात्र किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके अलावा अधिक से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित करने के लिए रविवार को विशेष टीकाकरण शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।
पात्र किशोरियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ड्यू लिस्ट तैयार की है। इसके आधार पर घर-घर संपर्क कर बालिकाओं और उनके अभिभावकों को टीकाकरण सत्रों की जानकारी दी जा रही है तथा उन्हें केंद्रों पर बुलाकर टीकाकरण कराया जा रहा है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.पी. यादव ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सुरक्षित और प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष की सभी पात्र किशोरियां निर्धारित टीकाकरण सत्रों में पहुंचकर यह टीका अवश्य लगवाएं। अभिभावक किसी भी भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों का समय पर निःशुल्क टीकाकरण कराकर उन्हें सुरक्षित भविष्य का उपहार दें। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जनपद की कोई भी पात्र किशोरी इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
● अब तक टीकाकरण: 12,854 किशोरियां
● पात्र आयु वर्ग: 14 से 15 वर्ष की बालिकाएं
● टीका: एचपीवी (HPV) वैक्सीन
● शुल्क: पूरी तरह निःशुल्क
● नियमित टीकाकरण: बुधवार और शनिवार
● विशेष टीकाकरण शिविर: प्रत्येक रविवार
● संपर्क: आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र
