- “हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार” का दिया संदेश
कानपुर। विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. हरि दत्त नेमी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विभागीय तैयारियों, जन-जागरूकता तथा अंतरविभागीय समन्वय की समीक्षा की गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरि दत्त नेमी ने कहा कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सभी संबंधित विभागों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जलभराव की रोकथाम, नियमित स्वच्छता तथा मच्छर प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने आमजन से अपील की कि अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें तथा बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं आवश्यक उपचार कराएं।
जिला मलेरिया अधिकारी ए.के. सिंह ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मच्छर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में जलभराव के कारण मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए कूलर, गमले, पुराने टायर, डिब्बे एवं अन्य पानी जमा करने वाले पात्रों की नियमित सफाई आवश्यक है। उन्होंने “हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार” संदेश को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
नोडल VBD डॉ. राजेश्वर सिंह ने डेंगू एवं मलेरिया के प्रमुख लक्षणों, जांच, उपचार एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराकर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिए।
इस अवसर पर सीनियर मैनेजर धर्मेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य संबंधित विभागों तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम, मच्छर प्रजनन स्थलों को समाप्त करने तथा समय से जांच एवं उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करना अभियान की सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी है।
इस अवसर पर आईसीडीएस विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (AWW) का वेक्टर जनित रोगों के संबंध में संवेदीकरण किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मच्छर जनित रोगों के लक्षण, बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई तथा समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक के दौरान बेहतर कार्य करने वाली जगमऊ की आशा कार्यकर्ता रीता यादव, रंजीता यादव एवं ममता सिंह को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरि दत्त नेमी द्वारा सम्मानित किया गया। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम, समुदाय को जागरूक करने तथा स्वास्थ्य विभाग के अभियानों में सक्रिय सहयोग के लिए उनके कार्यों की सराहना की गई।
बैठक के अंत में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए अंतरविभागीय समन्वय एवं जनभागीदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया गया। आमजन से अपील की गई कि वे अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर एवं अन्य पानी जमा करने वाले पात्रों की नियमित सफाई करें, स्वच्छता बनाए रखें तथा बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं उपचार कराएं।
इस मौके पर SMI प्रशांत वर्मा, AMO भूपेंद्र सिंह, राम कुमार तिवारी (Program Manager, PSI India), FPC आशा वर्मा, अन्य सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर (MI), UP-TSU, ACMO एवं नोडल NUHM डॉ. कैलाश चंद्र सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थिति रहे।
