- स्कूलों की प्रार्थना सभाओं में पहुंचे न्यायिक अधिकारी, पॉक्सो कानून से लेकर साइबर सुरक्षा तक समझाई
- 1,393 छात्राओं से सीधा संवाद, बताया—असहज महसूस हो तो अभिभावक और शिक्षक को तुरंत दें जानकारी
कानपुर। कोई गलत तरीके से छुए, असहज करने वाला व्यवहार करे या ऑनलाइन परेशान करे तो उसे छिपाएं नहीं। तत्काल अपने अभिभावक या शिक्षक को बताएं और जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन से मदद लें। बच्चों को इसी तरह अपनी सुरक्षा के प्रति मुखर बनाने के लिए मंगलवार को न्यायिक अधिकारी शहर के विभिन्न विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में पहुंचे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बाल सुरक्षा एवं पॉक्सो अधिनियम जागरूकता अभियान के दूसरे चरण में छात्राओं को कानूनी अधिकारों के साथ यह भी बताया गया कि परेशानी की स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए और कहां मदद मिलेगी।

पीपीएन बालिका इंटर कॉलेज, परेड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवकांत शुक्ला और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतुल नायक ने 280 छात्राओं से संवाद किया। खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज, हरजिंदर नगर में एडीजे सुभाष सिंह और अमित सिंह ने 603 छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम और साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज, गोविंद नगर में न्यायिक अधिकारी दीपाली सिंह व शिप्रा श्रीवास्तव और डॉ. परवेज अख्तर ने 510 छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
मुस्लिम जुबली गर्ल्स इंटर कॉलेज, चमनगंज में अपर जिला जज कंचन सागर, न्यायिक मजिस्ट्रेट साधना गिरी और एलएसए रिजवान अली खान ने छात्राओं को कानूनी अधिकार और सुरक्षात्मक उपाय बताए।
मुसीबत में याद रखें ये तीन नंबर
कैलास सरस्वती इंटर कॉलेज में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नेहा केसला, न्यायिक मजिस्ट्रेट आकृति प्रकाश शुक्ला तथा पैरा लीगल वालंटियर गोपाल गुप्ता और अतुल निगम ने पॉक्सो अधिनियम-2012 और बाल अधिकारों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपात सेवा 112 से मदद ली जा सकती है। आर्य कन्या इंटर कॉलेज में भी पवन राय और स्वतंत्र रावत की मौजूदगी में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनुचित व्यवहार पर डर या संकोच के कारण चुप रहना समाधान नहीं है। अभिभावक, शिक्षक और कानूनी सहायता तंत्र तक बात पहुंचाना सुरक्षा की दिशा में पहला कदम है।
