6 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस सहित विपक्षी सांसदों ने मार्च निकाला। इस मार्च में राजद से लेकर सपा और टीएमसी पार्टियां शामिल हुई, लेकिन ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने दूरी बनाई रखी।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च में शामिल नहीं होने लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बनाई दूरी बताया उनकी पार्टी इस मार्च से क्यों दूरी बनाई। मंगलवार को हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि ‘वह दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध में शामिल नहीं हुए, क्योंकि AIMIM गठबंधन का हिस्सा नहीं है।’
मंगलवार को हैदराबाद मीडिया से बात करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा ‘”मैं वहां इसलिए नहीं गया क्योंकि मैं उस (अलायंस, INDI गठबंध) का हिस्सा नहीं हूं। बेगानी शादी में मेरा क्या काम? चीफ इलेक्शन कमिश्नर के सिलेक्शन का प्रोसेस, जो गलत है। यह पूरी तरह से एग्जीक्यूटिव के फेवर में है। प्रोसेस को बदलने की जरूरत है। चीफ इलेक्शन कमिश्नर का सिलेक्शन सबसे बड़ी प्रॉब्लम है। यह गलत है, इसे ठीक करना होगा।”
ओवैसी ने फिर से वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को “पिछले दरवाजे से NRC” बताया। उन्होंने कहा ‘“बिहार में SIR प्रोसेस के दौरान भी मैंने अपनी बात रखी थी। मैं मांग करता हूं कि CEC के सिलेक्शन का कानून बदला जाए। CJI, PM और LoP से सिलेक्शन करवाएं। यह SIR गलत है। मेरा मानना है कि SIR पिछले दरवाजे से NRC है।”
