- मेस्टन रोड, बिरहाना रोड और चटाई मोहाल में भी लार्वानाशक छिड़काव; जांच में मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला
कानपुर। जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निरोधात्मक और नियंत्रणात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल के तहत आने वाले ग्राम पाली में डेंगू के मामले सामने आने के बाद जिला स्तरीय टीम ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। गांव में लगाए गए विशेष स्वास्थ्य शिविर में 69 मरीजों का परीक्षण कर डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच की गई, जिसमें राहत की बात यह रही कि मलेरिया का कोई भी मरीज धनात्मक नहीं मिला।
पाली गांव में स्वास्थ्य टीम का स्थलीय दौरा
वेक्टर बॉर्न डिजीज के नोडल अधिकारी राजेश्वर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह और मलेरिया निरीक्षक आयुषी द्विवेदी ने पाली गांव का दौरा कर वाहक जनित रोगों की रोकथाम की स्थिति परखी। निरीक्षण के दौरान संचारी रोग नियंत्रण अभियान में जुटी टीमें लार्वारोधी रसायनों का छिड़काव और सोर्स रिडक्शन करती पाई गईं।
स्वास्थ्य शिविर में 69 मरीजों की जांच
गांव में बुखार पीड़ितों के लिए तत्काल स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पहुंचे सभी 69 मरीजों का परीक्षण कर उनका ब्लड सैंपल लिया गया। इन सभी की डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराई गई। शिविर में जांच के बाद मरीजों को जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
“प्रभावित क्षेत्रों में बुखार सर्वेक्षण, सोर्स रिडक्शन और लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव लगातार जारी है।”
शहरी इलाकों में भी निरोधात्मक अभियान
पाली गांव के अलावा शहर के मेस्टन रोड, बिरहाना रोड, चटाई मोहाल और कर्मचारी नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में भी डेंगू के मरीज मिलने पर कार्रवाई की गई। इन क्षेत्रों में एंटोमोलॉजिकल सर्वेक्षण कराया गया और जहां भी पानी जमा मिला, वहां लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव कराया गया।
लार्वा विनिष्टीकरण और फॉगिंग
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने का अभियान चलाया। नालियों, खाली पड़े प्लाटों, छतों पर रखे कबाड़ और जलभराव वाले स्थानों पर सघन लार्वानाशक छिड़काव किया गया ताकि मच्छर जनित संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
बचाव और सावधानी बरतने की अपील
क्षेत्रीय नागरिकों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने घरों के आसपास सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। लोगों से कहा गया कि वे कूलर, पुराने टायर और गमलों में पानी न रुकने दें। साथ ही मच्छरों के डंक से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने और मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
कंट्रोल रूम से मांगी जा रही मदद
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या बुखार के मरीज अधिक संख्या में हों, तो वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग या नगर निगम के कंट्रोल रूम पर सूचना दें। सूचना मिलते ही प्रभावित इलाके में टीम भेजकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर दें सूचना
यूएचएम चिकित्सालय (परेड) कंट्रोल रूम: 0512-2333810, 9335301096
नगर निगम कंट्रोल रूम: 0512-2526004, 0512-2526005
