देखिए हम आप बाकि सब इस घटिया राजनीति का शिकार हो रहे। हमारी भावनाओं के साथ खेला जा रहा, मुझे पता है कि जिनकी आस्था जिस पार्टी से है वह उस दल के हित के लिए अपने पड़ोस से भी भिड़ने के लिए तैयार है। अभी सारे हिन्दुत्ववादी सनातनी शेर एक मृतक मनीष सिंह घमंहापुर के समर्थन में जी जान से लगे पडे हैं। खासकर भाजपा और क्षत्रिय लोग लेकिन उनको यह नहीं पता कि उसने इस बार मोदी का बनारस दौरा भाषण बहुत सोच समझकर लिखा था। काफी कोशिशों बाद इसबार उसमें जानबूझकर डेरोगेटरी की वर्ड यूज किये, गोवा को चुना, परशुराम जी के अलावा सब पर बात की ताकि बडा बखेडा हो। सच वो होता है जो सामने वाले को सोचने पर मजबूर करे। लेकिन इस मामले में सच को इस तरह बोला गया कि वो सच से ज्यादा सामने वाले को अपमान लगने लगे।
केस हो जाए तो सब एकतरफा सरकार विरोधी माहोल का फायदा उठाकर उसका साथ दें। लोगों को लगे कि सनातन की बात करने वाले के ऊपर अत्याचार हो रहा है और जिनको सच पता भी हो उनको भी गलत होने का आभास लग जाए। वो अन्यों के दबाव में सपोर्ट करें। पहले भाजपा महिला नेत्री नें जिलाध्यक्ष जो कुशवाहा समाज से थे, पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया पर जैसे ही मामले नें तूल पकड़ा लोगो की जनभावना जुड़ी, लॉबी बनी वैसे ही भाजपा नेत्री नें पलटी मार ली और कहा कि गुस्से में आरोप लगा दिया। यही क़ाम हरदोई न्यू सनबीम प्रकरण में भी हुआ। पीड़ित वर्मा जाति से और आरोपी मिश्रा तो पहले खूब हंगामा हुआ बाद में पूरी लॉबी पलटी मार गई।
धर्म और जाति हेतु जिनका 001% भी योगदान नहीं वो भी ज्ञान देने आएंगे सोशल मिडिया पर, लेकिन दो चार साल बाद तुम याद करोगे कि किसी ने सच बोलने की हिम्मत की थी। लंबे समय तक सम्पर्क में रहा है इसलिए सब जानता हूँ, मुझसे ज्यादा तुम नहीं जानते उसे, इसलिए सोचा वक्त रहते बता दूं। मेरे विरोधी हो तो भी पूरा पढ लेना क्योंकि उसी का बताया हुआ प्लान बताऊंगा। धर्म और जाति एक मस्त धंधा है और उसके बारे में बंदा सब जानता है। उसे पता है कि हिन्दुओं में रहकर ध्रुव राठी कैसे बनना है। वह किसी भी कार्यक्रम में जाने से पहले एक लंबी डिमांड रखता है। 51000 फीस, तीन आवाजाही फस्ट क्लास हवाई टिकिट, गाडियों का काफिला, बेस्ट होटल रूम्स, बाउंसर्स और मंच पर स्पेशल ट्रीटमेंट।
ऐसे होती है सनातन रक्षा की शुरुआत। आपके एक अन्य सनातनी शेर के ऊपर शिरडी साईं धाम से एक नोटिस जारी होता कि आपने साईं पर कुछ आपत्तिजनक बोला है, वीडियो हटा लो वरना केस कर देंगे। शेर ने माफी मांगी, वीडियो डिलीट किया और आजतक कुछ नहीं बोला। बदले में पैसे आपसे लिये। इसके बाद अजमेर दरगाह। मामले में भी केस दर्ज हुआ। माफी मांगी गयी वीडियो हटाई गयी और शर्त के अनुसार दोबारा उस विषय पर नहीं बोला गया।
इस बार विवाद के लिए चुना गया गोवा को। ऐसा नहीं कि गोवा में जाकर जेवियर पर पहले कोई ना बोला हो, बहुत लोग बोले हैं। लेकिन इस बार खास माहौल सेट किये गये। जानबूझकर यह पक्का करने के बाद बोला गया कि स्टेज पर जिम्मेदार लोग आ चुके हैं। एक कार्यक्रम परशुराम जी पर था, लेकिन उन पर अपशब्द बोला गया पर कार्यवाही नही हुई। जो बोला गया वो बोला गया वहाँ बैठे लोग भडक उठें तो कहा गया यहाँ सब जायज है। मुझे पता है कि कुछ लोग जिनको संगठन या मंच की मर्यादा नहीं पता वो अम्बेडकर के मंच पर चढ़कर कहेंगे कि आतंकी को आतंकी कहने में क्या गलत बोला ? लेकिन पहला सवाल ये है कि मंच किसका था ? उपलक्ष्य क्या था ? विषय क्या था ? मंच की गरिमा क्या थी ? रसोई में नहाया नहीं जाता और कमोड पे बैठके खाया नहीं जाता। मंच पर बुद्ध या सनातन का ज्ञान देने को बुलाया था किसी का मंच बर्बाद करने नहीं।
हवन में वेद मन्त्र बोले जाते हैं आयत नहीं। जो सनातन के प्रवक्ता हिंदूत्व को सपोर्ट कर रहे हैं वो खुद सोच समझकर बोलते होंगे। अब ऐसे में सबसे पहला खतरा उस संस्था पर है जिसने इनवाइट किया अराजकता। लेकिन अब इन सब मामले में होगा क्या ? लोग इसी में नया आनंद खोजेंगे। कोई नयी रिसर्च नहीं, बस वही रटी रटाई बातें लोग एग्रेशन में सुनकर तालियां पीटेंगे। लोगों को लगेगा इसी से हमारा धर्म बचेगा। गौतम के लिए फंडरेज़ होगा, उसकी फीस और सुविधाएँ दोगुनी हो जाएगी। दबाव में आकर सरकार उसे सुरक्षा देगी और ये होकर रहेगा। इस झांसे में नहीं आईए। हमारे बडे बडे सनातन रक्षक वकील, समाज सेवी, वक्ता भाई बहन सब इस्तेमाल हो रहे। और वो भीड जिसको एक आयातित वक्ता चाहिए होता है वह हम जैसे लेखक है।

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी
