उत्तर प्रदेश के बहराइच में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी सरफराज और उसके साथी तालिब का एनकाउंटर हुआ है. पुलिस ने बताया कि एक एनकाउंटर में दोनों को गोली लगी है. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सरफराज और तालिब दोनों किस स्थिति में हैं. पुलिस ने यह जरूर बताया है कि दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे. उधर इस हिंसा में जान गंवाने वाले 22 वर्षीय युवक रामगोपाल मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले ही सामने आ चुकी है. रिपोर्ट से साफ जाहिर होता है कि किस तरह युवक के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं.
इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी सरफराज और उसके साथी तालिब का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया गया है. दोनों की हालत की स्थिति पर अपडेट आना बाकी है. उधर बताया गया कि हमलावरों ने रामगोपाल को मौत के घाट उतारने से पहले उसे बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया. इसके बाद उस पर धारदार हथियार से वार किए. इसके अलावा, उसके चेहरे, गले और सीने पर करीब 35 छर्रे के निशान मिले हैं.
क्या बोले एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश?
एनकाउंटर के बाद मामले पर जी न्यूज से बातचीत में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने भी कैजुअल्टी की पुष्टि नहीं की है. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. कुल पांच आरोपियों में से ही दो को एनकाउंटर के दौरान गोली लगी है. यह घटना नेपाल सीमा के पास हांडा बसेहरी नहर की है. ये आरोपी बहराइच में हुई हिंसा के दौरान मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या में शामिल थे.
रामगोपाल के साथ बर्बरता की सारी हदें पार
यह भी बताया गया है कि इन आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर रामगोपाल पर गोली चलाई थी. घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अब्दुल हमीद की छत पर चार से पांच लोग नजर आ रहे हैं, जहां कुछ समय बाद रामगोपाल को गोली मारी गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, बहुत ज्यादा खून बहने और करंट लगने की वजह से रामगोपाल की मौत हुई है. यही नहीं, हमलावरों ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उसके पैरों के नाखून भी निकालकर उसके आंखों के पास किसी नुकीली वस्तु से हमला कर दिया था.
दो पक्षों के बीच शुरू हुआ था विवाद..
यह पूरी घटना तब हुई थी जब बहराइच के महाराजगंज कस्बे में रविवार को मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए काफिला निकाला गया था. इस बीच, विशेष समुदाय की तरफ यात्रा में तेज आवाज में धार्मिक गाना बजाये जाने पर आपत्ति जताई. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसात्मक हो गया. दोनों समुदायों ने एक-दूसरे पर हमले किए. इस दौरान बड़े पैमाने पर सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे पूरा बहराइच हिंसा की आग में दहल उठा. यही नहीं, हमलावरों ने कई दुकानों को भी आग के हवाले कर दिया. इसके बाद पुलिस ने फौरन कमर कसते हुए स्थिति को नियंत्रित किया.
