अखाड़ा परिषद ने सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू को समुदायों के बीच बंटवारा पैदा करने की कोशिश को लेकर बुधवार को आड़े हाथों लिया. उसने एक वीडियो में महाकुंभ को निशाना बनाने की कथित तौर पर धमकी दी है. सोमवार को पीलीभीत में उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस के साथ एनकाउंटर में खालिस्तानी जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकवादी मारे गए जिसके बाद महाकुंभ में प्रमुख स्नान तिथियों – 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) और तीन फरवरी (बसंत पंचमी) को बाधित करने की धमकी देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. इस वीडियो में आवाज खालिस्तान समर्थक पन्नू की बताई जा रही है.
पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SJF) का सरगना है और उसे भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया है. इसके अलावा भी SFJ एक प्रतिबंधित संगठन है, जिसे भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए प्रतिबंधित कर दिया है. गुरपतवंत सिंह पन्नू इस संगठन का प्रमुख चेहरा है और वह ‘खालिस्तान’ नामक एक अलग सिख राष्ट्र के लिए प्रचार करता है. पन्नू और SFJ ने भारत में ‘रेफरेंडम 2020’ जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया, जो भारत सरकार के मुताबिक देश की अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ हैं.
