- मेक इन इंडिया’ के तहत देश में ही निर्मित ऊर्जा-दक्ष लिफ्ट और एस्केलेटर यात्रियों को प्रदान करेंगे सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा
कानपुर। मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) के लगभग 4.10 किमी लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन के तीन स्टेशनों; रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया, पर लिफ्ट और एस्केलेटर इंस्टॉल करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन स्टेशनों पर लगाए जा रहे सभी लिफ्ट और एस्केलेटर का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत में ही किया गया है।
कॉरिडोर-2 के तीनों अंडरग्राउंड स्टेशनों पर प्रवेश द्वार से कॉनकोर्स लेवल तक तथा कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म लेवल तक यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए कुल 12 एस्केलेटर और 7 लिफ्ट लगाए जाने हैं। इनकी इंस्टॉलेशन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। वहीं, कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन में भी 18 एस्केलेटर और 18 लिफ्ट इंस्टॉल किए जाने हैं। वर्तमान में तीनों अंडरग्राउंड स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर की इंस्टॉलेशन के साथ-साथ उनकी टेस्टिंग का कार्य भी किया जा रहा है।
पर्यावरण-अनुकूल एवं ऊर्जा-दक्ष लिफ्ट और एस्केलेटर
उल्लेखनीय है कि कानपुर मेट्रो परियोजना में इंस्टॉल किए जा रहे सभी लिफ्ट और एस्केलेटर का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के अंतर्गत चेन्नई में किया गया है। इनमें शामिल स्मार्ट एस्केलेटर ऊर्जा संरक्षण की दृष्टि से विशेष रूप से उपयोगी हैं। निर्धारित समय तक उपयोग में नहीं आने पर ये स्वतः बंद हो जाते हैं, जिससे बिजली की खपत कम होती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इनमें आपातकालीन स्थिति में एस्केलेटर को तुरंत रोकने के लिए तीन इमरजेंसी स्टॉप बटन दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए जाते हैं। मेट्रो की लिफ्टों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जो ब्रेकिंग के दौरान ऊर्जा को पुनः उपयोग योग्य बनाकर ऊर्जा की बचत में सहायक होती है।
