- 16 नमूने जांच के लिए भेजे, 300 किलो मिलावटी खोया नष्ट
कानपुर। आगामी दीपावली त्योहार को देखते हुए आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने कानपुर नगर में एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया। जिलाधिकारी कानपुर नगर और आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देशों पर सहायक आयुक्त (खाद्य)-II संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने सोमवार (02 नवंबर 2026) को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन छापेमारी की।
इस कार्रवाई के दौरान कुल 16 संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इसके साथ ही एक बड़ी कार्रवाई में लगभग 300 किलोग्राम मिलावटी खोया भी जब्त कर नष्ट किया गया।

इन प्रतिष्ठानों से लिए गए सैंपल
- देवीपुरवा, घाटमपुर: मिश्रित दूध और खोया
- हैरिसगंज: रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और रिफाइंड पामोलिन ऑयल
- कोयला नगर: मिल्क केक स्वीट और बर्फी
- फीलखाना: पतीशा और रबड़ी
- शिवाला रोड: खोया
- गुंजनविहार, कर्रही: वनस्पति और घी
- बिल्हौर: पनीर
- अशोक नगर: कुन्दा, सोहनपापड़ी, दूध की बर्फी और पतीशा
विभाग के अनुसार, इन सभी 16 नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आवश्यक कानूनी व अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
टीम को देख भागे व्यापारी, 300 किलो दूषित खोया नष्ट।
अभियान के दौरान गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी। फफूंद-कानपुर सेंट्रल मेमू ट्रेन से कुछ व्यापारियों द्वारा खोया उतारकर ऑटो पर लादा जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को देखते ही मिलावटखोर व्यापारी खोया छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए।
अधिकारियों के मुताबिक, यह खोया बेहद गंदी बोरियों में रखा हुआ था और प्रथम दृष्टया पूरी तरह अस्वास्थ्यकर, अस्वच्छ और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त (दूषित) नजर आ रहा था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 300 किलोग्राम अनुमानित खोया (जिसकी बाजार कीमत करीब 90,000 रुपये आंकी गई है) को जब्त किया और गोविंदपुरी कूड़ा निस्तारण प्लांट ले जाकर पूरी तरह नष्ट करवा दिया।
दुकानदारों को दी गई चेतावनी
कार्यवाही के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाई निर्माताओं और खाद्य कारोबारियों को सख्त हिदायत दी है। सभी दुकानदारों को जागरूक किया गया कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ को प्रिंटेड पेपर या अखबारी कागज में रखकर न बेचें, क्योंकि इससे सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने साफ किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान त्योहार तक लगातार जारी रहेगा।
