अचार भारतीय भोजन का एक अहम हिस्सा है,जो न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि खाने की अधूरी थाली को पूरा करने का भी काम करता है। पूरी सब्जी हो या दाल-चावल या फिर रोटी, पराठा बिना आचार के ये खाना अधूरा लगता है। आचार खाने के स्वाद को दोगुना कर देता है और आचार दादी-नानी के हाथ की बनी हो तो उसकी बात ही कुछ और है। आम, नींबू, मिर्च, गाजर, लहसुन जैसे कई तरह के अचार हर घर में अपने-अपने खास अंदाज में बनाए जाते हैं। आज हम आपको बताएंगे दादी-नानी के स्टाइल में घर पर कैसे मिर्च का आचार बना सकते हैं।
अगर आप तीखे और चटपटे स्वाद के शौकीन हैं, तो हरी मिर्च का अचार आपके भोजन का स्वाद दोगुना कर सकता है। बाजार में मिलने वाले अचार भले ही लुभावने लगें, लेकिन इनमें मौजूद प्रिजर्वेटिव और मिलावट सेहत पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में घरेलू तरीके से बना हरी मिर्च का अचार न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि सेहतमंद भी साबित होता है। पुराने जमाने में महिलाएं मौसम और सीजन के हिसाब से आचार बनाती है। उस समय बाजार में भी इतने तरीके का आचार नहीं मिलते थे।
घर पर आचार बनाने के फायदे
घर में अगर आप पुराने स्टाइल में आचार बनाएंगे तो लंबे समय तक खाराब भी नहीं होते हैं और ना ही स्वाद में कमी आती है। घर का बना हुआ अचार उस स्वाद बाजार के आचार से कही बेहतर हाता हैं। मौसम के हिसाब से यदि आप घर पर ही पारंपरिक विधि से अचार बनाएं, तो यह सालों-साल तक खराब नहीं होता। आईए जानतें घर पर कैसे बनाए दादी-नानी के स्टाइल में हरी मिर्च की आचार..
दादी-नानी के अंदाज में हरी मिर्च का अचार बनाने की विधि
सामग्री
- हरी मिर्च- मोटी और कम तीखी मिर्च लें
- राई (सरसों) दाना
- सौंफ
- मेथी दाना
- हल्दी पाउडर
- नमक
- नींबू का रस
- सरसों का तेल
विधि
- सबसे पहले हरी मिर्च को धोकर सूती कपड़े से अच्छे से पोंछ लें और 4-5 घंटे धूप में सूखने दें ताकि इनमें नमी न रहे।
- अब इन मिर्चों को बीच से चीर लगाकर तैयार कर लें ( मिर्च पूरी तरह काटना नहीं है)।
- एक कड़ाही में राई, सौंफ और मेथी को हल्का भून लें और फिर दरदरा पीस लें।
- अब इस मसाले में नमक, हल्दी और नींबू का रस डालकर अच्छे से मिलाएं।
- इस मिश्रण को हरी मिर्चों में भरें और एक सूखे, साफ कांच के जार में रखें।
- ऊपर से सरसों का गर्म किया हुआ और फिर ठंडा किया हुआ तेल डालें ताकि मिर्चें ढक जाएं।
- अचार को 3-4 दिन तक रोज धूप में रखें और हर दिन हल्के हाथ से चला दें।
- 5वें दिन से यह अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा।
अचार बनाते समय एक चीज का ध्यान जरूर रखें कि हाथ और बर्तन पूरी तरह सूखे हों, वरना अचार जल्दी खराब हो सकता है। आप चाहें तो इसमें कलौंजी या अमचूर पाउडर भी स्वादानुसार मिला सकते हैं।
