बेची जा रही कैंसर की नकली दवाईयां, पुलिस ने किया 6 लोगों को गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े नकली दवा रैकेट का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कैंसर की महंगी दवाएं नकली रूप में बेचकर मुनाफा कमा रहे थे। इस कार्रवाई में लाखों रुपये मूल्य की नकली दवाएं और इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। ये गिरोह सोशल मीडिया के जरिए मरीजों को झांसे में लेकर उन्हें भारी छूट का लालच देकर नकली दवाएं बेच रहा था।

पुलिस ने जिन दवाओं को जब्त किया है, उनमें ओपडिवो, पेम्ब्रोलिजुमैब (कीट्रूडा), सेटक्सिमैब (एरबिटक्स), लेनवेटिनिब (लेनविमा) जैसी हाई-एंड एंटी-कैंसर मेडिसिन शामिल हैं। इन दवाओं की असली कीमतें लाखों में होती हैं, लेकिन आरोपी इन्हें कुछ हजार रुपये में तैयार करवाकर 50-70 हजार रुपये में बेचते थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने लक्ष्मी नगर, बुध विहार और चांदनी चौक में एक साथ कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी इंटरनेट पर कैंसर रोगियों से जुड़े व्हाट्सएप व टेलीग्राम समूहों में सक्रिय थे और वहीं से शिकार ढूंढते थे।

गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम
  • नीरज कुमार (मंडावली फजलपुर) और अनिल कुमार– ओन्को लाइफ केयर फार्मा के पार्टनर, लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार।
  • धनेश शर्मा और धीरज कुमार– बुध विहार से पकड़े गए, इनके कब्जे से ‘नॉट फॉर सेल’ लेबल वाली कई नकली दवाएं मिलीं।
  • ज्योति ग्रोवर (जगतपुरी) और प्रवीण कुमार (पानीपत) – चांदनी चौक के भगीरथ पैलेस से पकड़े गए, जिनके पास से बड़ी मात्रा में हाई-कॉस्ट नकली दवाएं बरामद की गईं।

गिरोह का सरगना अभी भी फरार

पुलिस के अनुसार इस गिरोह का संचालन नवीन आर्या नामक शख्स कर रहा था, जो पहले भी नकली दवा मामले में जेल जा चुका है। वह जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा गिरोह को चला रहा था। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश जारी है।

जब्त की गई दवाईयां

  • Opdivo (Nivolumab): 19 इंजेक्शन
  • Xolair (Omalizumab): 20 बॉक्स
  • Venclyxto (Venetoclax): 224 टैबलेट
  • Erbitux, Lenvima, Keytruda, Dupixent, Hemlibra, Opdyta, Secukinumab, Ponaxen, Rutinib क्रीम आदि

मरीजों को ऐसे बनाते थे शिकार

जांच में सामने आया कि आरोपी मरीजों या उनके परिजनों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सस्ती दवा देने का वादा करते थे। असली दवाओं की तंगी और महंगाई का फायदा उठाते हुए वे भरोसा जीतते थे और फिर नकली दवाएं थमा देते थे। ड्रग इंस्पेक्टर ने ओपडिवो इंजेक्शन के नकली होने की पुष्टि कर दी है। इस भंडाफोड़ के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से दवाएं न खरीदें और केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर या अस्पताल से ही दवाएं लें। इस मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं।

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